रांची: 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस को लेकर झारखंड के आयुष निदेशालय ने तैयारियां तेज कर दी हैं. योग दिवस पर राजकीय कार्यक्रम को लेकर आयुष निदेशक ने नामकुम स्थित आयुष निदेशालय में 13 जून को विशेष बैठक बुलाई है. जिसमें राज्य भर के आयुष पदाधिकारियों शामिल होंगे.
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का थीम- Yoga for Healthy Ageing
आयुष निदेशालय, झारखंड द्वारा अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के सफल आयोजन के लिए राज्य के सभी उपायुक्तों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं. वहीं आयुष निदेशक ने शनिवार को नामकुम स्थित आयुष निदेशालय में बैठक बुलाई है.
भारत सरकार, आयुष मंत्रालय द्वारा इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस-2026 का विषय “स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग” (Yoga for Healthy Ageing) निर्धारित किया गया है. इस वर्ष राज्य के सभी शहरों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन किया जाएगा. स्कूल, कॉलेज, सरकारी संस्थानों, पार्क, वृद्धाश्रम, छात्रावास, पुलिस स्टेशन, सदर अस्पताल, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, आयुष्मान आरोग्य मंदिर तथा चिकित्सा महाविद्यालयों सहित अन्य सार्वजनिक स्थलों पर कॉमन योगा प्रोटोकॉल (CYP) के तहत सामूहिक योगाभ्यास कराया जाएगा.
योग के कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधियों, सीआईएसएफ, सीआरपीएफ, झारखंड पुलिस, एनसीसी, स्कूली बच्चों, स्वयंसेवी संस्थाओं, रोटरी एवं लायंस क्लब, आंगनबाड़ी सेविकाओं, स्वास्थ्यकर्मियों, खेल प्रतिभाओं तथा आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी.
14 जून से 21 जून तक राज्य योग सेंटर में कार्यक्रम
राज्य में 6 जून से ही विभिन्न विद्यालयों एवं संस्थानों में योग प्रशिक्षकों की प्रतिनियुक्ति कर प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू कर दिया गया है. जिससे ज्यादा से ज्यादा लोगों को योग के प्रति जागरूक किया जा सके. स्टेट योग सेंटर में 14 जून से अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस को लेकर हर दिन अलग अलग तरह के कार्यक्रम आयोजित होंगे.
योग अभ्यास के माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली, मधुमेह, उच्च रक्तचाप, जोड़ों के दर्द तथा बच्चों के शारीरिक एवं मानसिक विकास के संबंध में भी लोगों को जानकारी दी जाएगी. कार्यालयों में कार्यरत कर्मचारियों के लिए वाई-ब्रेक (Y-Break) प्रोटोकॉल को बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे वे कार्यस्थल पर कम समय में योगाभ्यास कर तनावमुक्त होकर कार्य कर सकें.
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए समाचार-पत्रों, नुक्कड़ नाटकों, होर्डिंग, बैनर तथा अन्य जनसंपर्क माध्यमों का उपयोग किया जाएगा. इसके साथ ही स्कूली बच्चों के लिए योग, सेमिनार, चित्रकला प्रतियोगिता तथा अन्य रचनात्मक गतिविधियों का आयोजन कर उत्कृष्ट प्रतिभागियों को सम्मानित किया जाएगा.
प्रत्येक जिला में उत्कृष्ट योग प्रशिक्षकों, हर्बल गार्डन विकसित करने वाले स्वास्थ्य संस्थानों तथा योग एवं चित्रकला प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को राज्य स्तर पर सम्मानित करने का प्रस्ताव है. अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के आयोजन के लिए राष्ट्रीय आयुष मिशन एवं राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के विभिन्न मदों से वित्तीय सहायता भी उपलब्ध कराई गई है. जिला स्तर पर कार्यक्रमों के प्रभावी संचालन के लिए नोडल पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की जाएगी तथा सभी योग सत्रों का विवरण एवं उच्च गुणवत्ता वाले छायाचित्र राज्य मुख्यालय को उपलब्ध कराए जाएंगे.
आयुष निदेशालय ने सभी संबंधित विभागों, स्वास्थ्य संस्थानों एवं जिला प्रशासन से अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस-2026 को जन-आंदोलन का स्वरूप देते हुए अधिकाधिक लोगों की सहभागिता सुनिश्चित करने का आह्वान किया है. योग वृद्धावस्था में शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने का एक सरल एवं प्रभावी उपाय योग है.योग हमें निरोग बनाता है.
जानें अच्छे स्वास्थ्य के लिए कितना जरूरी है योग
- योग क्रियाएं, शारीरिक स्वास्थ्य में सुधार लाकर, शरीर को लचीला और सक्रिय बनाता हैमांसपेशियों और हड्डियों को मजबूत करता है. जोड़ों के दर्द और अकड़न को कम करता है.
- संतुलन और गतिशीलता में वृद्धि- योग क्रियाएं, शरीर का संतुलन बेहतर करता है. गिरने और चोट लगने के जोखिम को कम करता है, चलने-फिरने में आसानी होती है.
- हृदय स्वास्थ्य के लिए लाभकारी- रक्तचाप को नियंत्रित रखने में मदद करता है. रक्त संचार में सुधार करता है. हृदय रोगों के जोखिम को कम करने में सहायक है.
- श्वसन क्षमता में सुधार- फेफड़ों की कार्यक्षमता बढ़ाता है. सांस लेने की प्रक्रिया को बेहतर बनाता है. श्वसन संबंधी समस्याओं में राहत देता है.
- योग, मानसिक स्वास्थ्य में सुधार लाता है, यह तनाव, चिंता और अवसाद को कम करता है. मन को शांत और सकारात्मक बनाता है. यह आत्मविश्वास बढ़ाता है.
- योग, स्मरण शक्ति और एकाग्रता में वृद्धि, मस्तिष्क को सक्रिय रखता है. याददाश्त और ध्यान केंद्रित करने की क्षमता बढ़ाता है.
- अच्छी नींद में सहायक- अनिद्रा की समस्या को कम करता है. गहरी और आरामदायक नींद लाने में मदद करता है.
- रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाता है. संक्रमणों से लड़ने की क्षमता बढ़ती है.
- जीवन की गुणवत्ता में सुधार- आत्मनिर्भरता बनाए रखने में सहायता करता है. दैनिक कार्यों को करने की क्षमता बढ़ाता है. जीवन में उत्साह और सकारात्मकता बनाए रखता है.


