पटना, 10 अक्टूबर 2026: दिल्ली के जंतर-मंतर पर मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के विरोध में हुए प्रदर्शन को लेकर बिहार की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। केंद्रीय मंत्री और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM) के प्रमुख जीतनराम मांझी ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शनकारियों पर तीखा निशाना साधा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को शेर बताते हुए कहा कि वे कॉकरोचों और झींगुरों से डरने वाले नहीं हैं।
मांझी ने शनिवार शाम सोशल मीडिया पर पोस्ट के जरिए यह टिप्पणी की। उनके बयान को दिल्ली में CJP के आंदोलन और SIR को लेकर चल रहे राजनीतिक विवाद से जोड़कर देखा जा रहा है।
मांझी बोले- भारत माता ने मोदी और शाह जैसे शेर पैदा किए
जीतनराम मांझी ने अपने पोस्ट में कहा कि भारत शेरों की धरती है और यहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा अमित शाह जैसे नेता हैं। उन्होंने प्रदर्शनकारियों के लिए कॉकरोच और झींगुर जैसे शब्दों का इस्तेमाल करते हुए कहा कि उनसे निपटना उन्हें अच्छी तरह आता है।
मांझी ने अपने संदेश में ‘भारत माता की जय’, ‘संविधान जिंदाबाद’ और ‘लोकतंत्र जिंदाबाद’ के नारे भी लगाए।
केंद्र सरकार में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) मंत्री मांझी का यह बयान ऐसे समय आया है, जब SIR प्रक्रिया को लेकर विपक्षी दलों और कुछ संगठनों की ओर से विरोध जताया जा रहा है।
SIR के विरोध में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन
CJP ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का ऐलान किया था। संगठन ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ भी विरोध दर्ज कराने की बात कही थी।
प्रदर्शन के दौरान दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी किए जाने और पुलिस की तैनाती बढ़ाए जाने की खबरें सामने आईं। रिपोर्ट के मुताबिक, CJP के संयोजक अभिजीत दीपके सहित कुछ नेताओं और कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया।
हालांकि, हिरासत में लिए गए लोगों की सटीक संख्या और प्रदर्शन के कारण रेल या मेट्रो सेवाओं पर असर पड़ने संबंधी दावों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
रामकृपाल यादव ने भी प्रदर्शन पर उठाए सवाल
बिहार सरकार के मंत्री रामकृपाल यादव ने भी CJP के आंदोलन की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों का उद्देश्य संबंधित मुद्दे को उठाने के बजाय राजनीतिक पहचान बनाना है।
NDA नेताओं ने आंदोलन की मंशा पर सवाल उठाए हैं, जबकि CJP की ओर से SIR प्रक्रिया के विरोध को प्रदर्शन का प्रमुख कारण बताया गया है। इस विवाद में दोनों पक्षों के आरोपों और दावों को अलग-अलग समझना जरूरी है।
संतोष सुमन ने राहुल गांधी पर साधा निशाना
जीतनराम मांझी के बेटे और HAM के राष्ट्रीय अध्यक्ष संतोष सुमन ने भी SIR विवाद को लेकर विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने राहुल गांधी की राजनीति, निर्वाचन आयोग को लेकर विपक्ष के रुख और अन्य घटनाओं का जिक्र करते हुए सवाल उठाए।
संतोष सुमन ने आशंका जताई कि विदेशी ताकतें भारत में राजनीतिक अस्थिरता पैदा करने की कोशिश कर सकती हैं। उन्होंने इस संबंध में जांच की जरूरत बताते हुए राहुल गांधी से अपना पक्ष स्पष्ट करने की मांग की।
हालांकि, विदेशी ताकतों और राहुल गांधी के बीच कथित संबंधों को लेकर लगाए गए आरोपों के समर्थन में उपलब्ध रिपोर्ट में कोई ठोस प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया गया है। इसलिए इन बातों को संतोष सुमन के आरोप और आशंका के रूप में ही देखा जाना चाहिए, न कि प्रमाणित तथ्य के रूप में।
SIR को लेकर राजनीतिक टकराव तेज
दिल्ली में हुए प्रदर्शन के बाद बिहार के NDA नेताओं की प्रतिक्रियाओं ने इस मुद्दे को राज्य की राजनीति में भी चर्चा का विषय बना दिया है। जीतनराम मांझी की तीखी टिप्पणी और संतोष सुमन के आरोपों से राजनीतिक बयानबाजी और तेज हुई है।
फिलहाल, विवाद का केंद्र SIR प्रक्रिया, प्रदर्शन के उद्देश्य और उस पर विभिन्न राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएं हैं। आगे इस मुद्दे पर निर्वाचन आयोग, प्रदर्शनकारी संगठन और संबंधित राजनीतिक दलों के बयान महत्वपूर्ण होंगे।
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