नई दिल्ली | 30 अक्टूबर 2026
वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में केंद्र सरकार का राजकोषीय घाटा पूरे साल के बजटीय लक्ष्य के 42.1 प्रतिशत तक पहुंच गया है। नियंत्रक महालेखा परीक्षक (CGA) की ओर से शुक्रवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, सितंबर 2026 के अंत तक सरकार का राजकोषीय घाटा 7,14,413 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।
राजकोषीय घाटा सरकार की कुल आय और कुल खर्च के बीच का अंतर होता है। यह आंकड़ा बताता है कि चालू वित्त वर्ष के शुरुआती छह महीनों में सरकार ने अपने वार्षिक घाटे के लक्ष्य का 42.1 प्रतिशत हिस्सा इस्तेमाल कर लिया है।
पिछले वित्त वर्ष की तुलना में घाटे की रफ्तार तेज
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 की पहली छमाही में राजकोषीय घाटा पूरे साल के बजटीय अनुमान का 36.5 प्रतिशत था। इस बार सितंबर तक यह अनुपात बढ़कर 42.1 प्रतिशत हो गया है।
केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में राजकोषीय घाटे को GDP के 4.3 प्रतिशत तक सीमित रखने का लक्ष्य निर्धारित किया है। रुपये में यह लक्ष्य करीब 16.96 लाख करोड़ रुपये है।
सरकार के शुद्ध कर राजस्व में सुधार
CGA के मासिक लेखा विवरण के मुताबिक, चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में केंद्र सरकार की शुद्ध कर प्राप्तियां 12.76 लाख करोड़ रुपये रहीं। यह पूरे वित्त वर्ष के बजटीय अनुमान का 44.5 प्रतिशत है।
पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में शुद्ध कर राजस्व का संग्रह वार्षिक लक्ष्य का 43.3 प्रतिशत था। इस लिहाज से इस साल कर संग्रह के अनुपात में सुधार दर्ज किया गया है।
छह महीने में 25.5 लाख करोड़ रुपये खर्च
सरकार ने अप्रैल से सितंबर 2026 के बीच कुल करीब 25.5 लाख करोड़ रुपये खर्च किए। यह वित्त वर्ष 2026-27 के कुल बजटीय खर्च अनुमान का 47.7 प्रतिशत है।
सरकारी खर्च में विकास योजनाओं, बुनियादी ढांचे और अन्य मदों पर होने वाला व्यय शामिल है। राजस्व प्राप्तियों और खर्च के बीच का अंतर ही राजकोषीय घाटे को प्रभावित करता है।
पूरे साल के लक्ष्य पर रहेगी नजर
पहली छमाही में राजकोषीय घाटे का अनुपात पिछले वर्ष की समान अवधि से अधिक रहने के बावजूद सरकार के सामने पूरे साल के लिए निर्धारित 4.3 प्रतिशत GDP के लक्ष्य को हासिल करने की चुनौती है।
आने वाली तिमाहियों में कर संग्रह, गैर-कर राजस्व और सरकारी खर्च की रफ्तार इस लक्ष्य को पूरा करने में अहम भूमिका निभाएगी। फिलहाल जारी आंकड़े वित्त वर्ष के शुरुआती छह महीनों की वित्तीय स्थिति को दर्शाते हैं।
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