रांची: आदिवासी समाज के संवैधानिक और लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों को लेकर आदिवासी लोकतांत्रिक अधिकार मोर्चा ने राज्यस्तरीय नई कार्यकारिणी का गठन किया है। शनिवार को बंधु तिर्की की अध्यक्षता में हुई बैठक में संगठन के विस्तार और आगामी कार्यक्रमों को लेकर चर्चा की गई।
शशि पन्ना और लक्ष्मीनारायण मुंडा बने मुख्य प्रवक्ता
बैठक में संगठन की जिम्मेदारियों का विस्तार करते हुए शशि पन्ना और लक्ष्मीनारायण मुंडा को मुख्य प्रवक्ता की जिम्मेदारी दी गई। कार्यकारिणी में रांची के अलावा राज्य के विभिन्न जिलों से जुड़े प्रतिनिधियों को भी शामिल किया गया है।
नई कार्यकारिणी में दयामनी बारला, रमा खलखो, अजय तिर्की, ज्योत्सना केरकेट्टा, वासवी किड़ो, आलोक कुजूर, नीरज भोगता, अनिल अमिताभ पन्ना, शिव कच्छप और अनिल उरांव समेत कई लोगों को जगह दी गई है।
परिसीमन को लेकर चलाया जाएगा जागरूकता अभियान
बैठक में प्रस्तावित परिसीमन को लेकर भी चर्चा हुई। मोर्चा की ओर से इसे आदिवासी समाज के राजनीतिक प्रतिनिधित्व और संवैधानिक अधिकारों से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय बताया गया।
संगठन ने कहा कि परिसीमन के संभावित प्रभावों को लेकर लोगों के बीच जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। पांचवीं अनुसूची क्षेत्रों की संवैधानिक व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए राजनीतिक प्रतिनिधित्व से जुड़े मुद्दों को लोकतांत्रिक तरीके से उठाने की बात कही गई।
सभी जिलों और प्रखंडों में संगठन विस्तार की तैयारी
मोर्चा ने राज्य के सभी जिलों और प्रखंडों तक संगठन को मजबूत करने का निर्णय लिया है। इसके लिए जनसंपर्क अभियान चलाने की योजना है। अभियान के दौरान परिसीमन, पांचवीं अनुसूची, आदिवासी राजनीतिक प्रतिनिधित्व के साथ जल-जंगल-जमीन, भाषा, संस्कृति और संवैधानिक अधिकारों से जुड़े विषयों पर लोगों से संवाद किया जाएगा।
दशहरा के बाद जिलावार बैठकें
मोर्चा के अनुसार, दशहरा के बाद राज्य के विभिन्न जिलों में बैठकें आयोजित की जाएंगी। इन बैठकों में जिला, प्रखंड और गांव स्तर पर संगठन को मजबूत करने की रणनीति तैयार की जाएगी।
बैठक में आगामी लोकतांत्रिक कार्यक्रमों और आंदोलनों की रूपरेखा पर भी चर्चा हुई। संगठन ने कहा कि आदिवासी समाज की एकता, संवैधानिक अधिकार, राजनीतिक प्रतिनिधित्व, भाषा, संस्कृति और पहचान से जुड़े विषयों को लेकर लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से अपनी गतिविधियां जारी रखी जाएंगी।
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