Monday, August 17, 2026

सावन की तीसरी सोमवारी पर झारखंड के शिवालयों में उमड़ी भीड़, ‘बोल बम’ के जयकारों से गूंजे धाम.

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दुमका/गिरिडीह/कोडरमा/सिमडेगा: सावन की तीसरी सोमवारी और नाग पंचमी के संयोग पर झारखंड के विभिन्न शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। सुबह से ही भक्त भगवान शिव का जलाभिषेक करने के लिए मंदिरों में पहुंचते रहे। बासुकीनाथ से लेकर गिरिडीह, कोडरमा और सिमडेगा तक माहौल पूरी तरह शिवभक्ति में रंगा नजर आया।

बासुकीनाथ में आधी रात से शुरू हुआ श्रद्धालुओं का आगमन

दुमका के प्रसिद्ध बासुकीनाथ धाम में तीसरी सोमवारी को बड़ी संख्या में कांवरिया और अन्य श्रद्धालु पहुंचे। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पहले देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ को जल अर्पित करने के बाद बासुकीनाथ में पूजा करने की परंपरा है।

भागलपुर के बरारी घाट से गंगाजल लेकर कांवरिये हंसडीहा के रास्ते बासुकीनाथ पहुंचे। मंदिर के कपाट रात करीब 2 बजे खुलने के साथ ही श्रद्धालुओं के दर्शन और जलार्पण का सिलसिला शुरू हो गया।

‘हर-हर महादेव’ और ‘बोल बम’ के जयकारों से मंदिर परिसर और आसपास का इलाका भक्तिमय बना रहा।

कड़ी सुरक्षा के बीच कराया गया जलाभिषेक

भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने मंदिर परिसर और मेला क्षेत्र में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए। श्रद्धालुओं के लिए प्रवेश और निकास की अलग व्यवस्था की गई। शिवगंगा में स्नान के बाद भक्त कतार में लगकर क्यू कॉम्प्लेक्स और संस्कार मंडप के रास्ते मंदिर पहुंचे।

अरघा के माध्यम से श्रद्धालुओं को जल चढ़ाने की व्यवस्था की गई। डाक बम के लिए अलग व्यवस्था करते हुए टोकन के जरिए उन्हें मंदिर में प्रवेश कराया गया।

प्रशासन ने भीड़ पर नजर रखने के लिए CCTV कैमरों और ड्रोन का इस्तेमाल किया। दुमका के SDM कौशल कुमार के अनुसार, संभावित भीड़ को ध्यान में रखते हुए पहले से तैयारियां की गई थीं और मेला क्षेत्र में पुलिस बल व दंडाधिकारियों की तैनाती की गई।

हरिहरधाम में भी भक्तों की लंबी कतार

गिरिडीह के बगोदर स्थित प्रसिद्ध हरिहरधाम शिव मंदिर में भी तीसरी सोमवारी पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। मंदिर के पट खुलने के बाद से ही जलाभिषेक के लिए भक्तों का आना शुरू हो गया।

सोमवारी के साथ नाग पंचमी होने के कारण मंदिर में विशेष धार्मिक उत्साह देखने को मिला। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव की पूजा-अर्चना कर जल और अन्य पूजन सामग्री अर्पित की। सुरक्षा के लिए मंदिर परिसर और आसपास पुलिस बल तैनात रहा।

ध्वजाधारी आश्रम में 777 सीढ़ियां चढ़कर पहुंचे भक्त

कोडरमा के ध्वजाधारी आश्रम में भी शिवभक्तों की भीड़ रही। श्रद्धालु 777 सीढ़ियां चढ़कर पहाड़ी की चोटी पर स्थित शिव मंदिर तक पहुंचे और भगवान शिव का जलाभिषेक किया।

सुबह से ही बड़ी संख्या में भक्त यहां पहुंचते रहे। सावन की सोमवारी के कारण मंदिर परिसर में विशेष धार्मिक माहौल बना रहा।

80 किलोमीटर पैदल चलकर सरना महादेव पहुंचे कांवरिये

सिमडेगा में भी तीसरी सोमवारी पर कांवरियों में खास उत्साह दिखाई दिया। ओडिशा के वेदव्यास त्रिवेणी संगम से पवित्र जल लेकर करीब 80 किलोमीटर की पैदल यात्रा करने के बाद हजारों कांवरिये सरना महादेव धाम पहुंचे।

केसरिया वस्त्रों में पहुंचे कांवरियों के जत्थे से पूरा क्षेत्र भक्तिमय नजर आया। रास्तेभर ‘बोल बम’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयकारे सुनाई दिए। मंदिर पहुंचने के बाद कांवरियों ने भगवान शिव का जलाभिषेक किया और बेलपत्र, फूल व प्रसाद अर्पित कर पूजा की।

कई जगह स्थानीय लोगों ने कांवरियों का स्वागत भी किया। इस दौरान श्रद्धालु शिव भजनों पर झूमते हुए अपनी यात्रा पूरी करते नजर आए।

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