Friday, October 30, 2026

शेयर बाजार में लौटी रौनक, सेंसेक्स 308 अंक उछला; निफ्टी 23,053 के पार बंद.

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मुंबई | 30 अक्टूबर 2026

भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार को लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में तेजी दर्ज की गई। आईटी, फार्मा और हेल्थकेयर सेक्टर के शेयरों में खरीदारी से सेंसेक्स और निफ्टी बढ़त के साथ बंद हुए। हालांकि, प्रमुख सूचकांकों में मजबूती के बावजूद मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों पर बिकवाली का दबाव बना रहा।

सेंसेक्स और निफ्टी की मजबूत क्लोजिंग

कारोबार समाप्त होने पर बीएसई सेंसेक्स 308.49 अंक यानी 0.42 प्रतिशत की बढ़त के साथ 74,459.53 अंक पर बंद हुआ।

वहीं, एनएसई निफ्टी 116.35 अंक यानी 0.51 प्रतिशत चढ़कर 23,053.10 अंक पर पहुंच गया। इस तरह निफ्टी ने 23 हजार के अहम मनोवैज्ञानिक स्तर के ऊपर अपनी क्लोजिंग दी।

ट्रेंट, इंटरग्लोब एविएशन और इंफोसिस जैसे शेयरों में खरीदारी से बाजार को समर्थन मिला। दूसरी ओर, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर में सबसे ज्यादा कमजोरी देखने को मिली।

आईटी और फार्मा शेयरों में खरीदारी

शुक्रवार के कारोबार में आईटी सेक्टर निवेशकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहा। वैश्विक बाजारों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़े निवेश और ट्रेडिंग रुझानों में बदलाव का असर भारतीय टेक शेयरों पर भी दिखाई दिया।

इसके अलावा फार्मा और हेल्थकेयर कंपनियों के शेयरों में भी खरीदारी हुई। बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, चुनिंदा आईटी शेयरों में लिवाली और कंपनियों के बेहतर तिमाही नतीजों ने इन क्षेत्रों को सहारा दिया।

मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों पर दबाव

जहां सेंसेक्स और निफ्टी में तेजी रही, वहीं व्यापक बाजार में तस्वीर कुछ अलग दिखाई दी। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में बिकवाली के कारण कई कंपनियों के शेयर दबाव में रहे।

इससे संकेत मिला कि बाजार की तेजी सभी सेक्टरों और कंपनियों में समान रूप से नहीं फैली थी।

23,250 का स्तर रहेगा अहम

तकनीकी विश्लेषकों के अनुसार, निफ्टी ने हाल के दिनों में सीमित दायरे में कारोबार करने के बाद मजबूती दिखाई है। सूचकांक 22,800 के स्तर से ऊपर बंद हुआ और अपने 20-दिवसीय मूविंग एवरेज (20-DMA) को भी फिर से हासिल करने में सफल रहा।

विशेषज्ञों की नजर अब 23,250 के स्तर पर है। उनके मुताबिक, इस स्तर के पार टिकाऊ बढ़त बाजार में तेजी की पुष्टि के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है।

वहीं, 22,800 का स्तर निकट अवधि में अहम सपोर्ट माना जा रहा है। बाजार में उतार-चढ़ाव को देखते हुए निवेशकों और ट्रेडर्स को जल्दबाजी में फैसले लेने के बजाय जोखिम का ध्यान रखने की सलाह दी जा रही है।

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