गुमला: हिंडाल्को कंपनी के खिलाफ ग्रामीणों का आंदोलन रविवार को 14वें दिन एक सप्ताह के लिए स्थगित कर दिया गया। आंदोलन स्थल पर आयोजित प्रेसवार्ता में आंदोलनकारी सूरज नायक ने इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ग्रामीण अपनी मांगों को लेकर लगातार आंदोलन कर रहे थे, लेकिन अब सभी पक्षों से बातचीत के लिए आंदोलन को फिलहाल स्थगित करने का निर्णय लिया गया है।
बॉक्साइट खनन से प्रभावित गांवों का मुद्दा
आंदोलनकारियों का कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से बॉक्साइट खनन का काम चल रहा है। इसके बावजूद खनन प्रभावित गांवों के विकास और मूलभूत सुविधाओं को लेकर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया गया है। ग्रामीण इसी मुद्दे को लेकर कंपनी के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि प्रभावित क्षेत्रों में विकास और जरूरी सुविधाओं को लेकर उनकी मांगों पर ठोस पहल की जरूरत है।
आंदोलन समाप्त नहीं, एक सप्ताह बाद तय होगी रणनीति
सूरज नायक ने स्पष्ट किया कि आंदोलन को समाप्त नहीं किया गया है, बल्कि एक सप्ताह के लिए स्थगित किया गया है। इस अवधि में संबंधित पक्षों के साथ बातचीत की जाएगी और ग्रामीणों की मांगों पर चर्चा होगी।
उन्होंने कहा कि बातचीत के बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी। यदि मांगों की पूर्ति की दिशा में सकारात्मक पहल नहीं होती है, तो ग्रामीण आंदोलन दोबारा शुरू करने पर विचार करेंगे।
