Monday, September 14, 2026

सोना-चांदी के भाव में दिख सकती है हलचल, फेड के फैसले समेत इन कारणों पर रहेगी नजर.

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Gold Silver Price Outlook: सोने और चांदी की कीमतों में आने वाले सप्ताह के दौरान उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है। बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति, डॉलर की चाल, कच्चे तेल की कीमत और पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव जैसे मुद्दे कीमती धातुओं की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।

15-16 सितंबर की फेड बैठक सबसे अहम

अगले सप्ताह बाजार की सबसे बड़ी नजर फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) की 15 और 16 सितंबर को होने वाली बैठक पर रहेगी। ब्याज दरों को लेकर फेड का फैसला और उसके बाद केंद्रीय बैंक प्रमुख की टिप्पणी से निवेशकों को आगे की मौद्रिक नीति के संकेत मिल सकते हैं।

बाजार में फेड के रुख को लेकर किसी भी बदलाव का असर डॉलर और बॉन्ड यील्ड के साथ सोने-चांदी की कीमतों पर भी पड़ सकता है।

गणेश चतुर्थी के चलते सोमवार को घरेलू कमोडिटी बाजार का सुबह वाला कारोबारी सत्र बंद रहेगा।

किन चीजों से प्रभावित होगा सोना?

एलकेपी सिक्योरिटीज के उपाध्यक्ष और कमोडिटी एवं करेंसी रिसर्च एनालिस्ट जतिन त्रिवेदी के अनुसार, सोने का प्रदर्शन कई वैश्विक संकेतकों पर निर्भर करेगा। इनमें अमेरिकी फेड की टिप्पणियां, कच्चे तेल की कीमत, डॉलर की स्थिति, महंगाई की उम्मीद और भू-राजनीतिक घटनाक्रम प्रमुख हैं।

उनके मुताबिक यदि कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आती है या फेड का रुख अपेक्षाकृत कम सख्त रहता है, तो सोने को सहारा मिल सकता है। इसके विपरीत तेल की कीमतों में दोबारा तेजी या फेड की ओर से सख्त नीति के संकेत मिलने पर सोने में बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है।

घरेलू बाजार में पिछले सप्ताह कैसा रहा कारोबार?

घरेलू वायदा बाजार में बीते सप्ताह सोने और चांदी का प्रदर्शन अलग-अलग रहा। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर अक्टूबर डिलीवरी वाला सोना सप्ताह के अंत में 17 रुपये की बढ़त के साथ 1,52,784 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ।

वहीं चांदी का भाव 2,684 रुपये यानी 1.13 प्रतिशत गिरकर करीब 2.34 लाख रुपये प्रति किलोग्राम रह गया।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी दबाव देखने को मिला। कॉमेक्स पर दिसंबर डिलीवरी वाला सोना करीब 1.5 प्रतिशत टूटकर 4,408.9 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुआ। चांदी में भी करीब 2.34 प्रतिशत की गिरावट रही और यह 65.19 डॉलर प्रति औंस पर आ गई।

रुपये की कमजोरी ने घरेलू सोने को दिया सहारा

जेएम फाइनेंशियल सर्विसेज के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (कमोडिटी एवं करेंसी रिसर्च) प्रणव मेर के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने पर पिछले सप्ताह बिकवाली का दबाव रहा। हालांकि घरेलू बाजार में रुपये में कमजोरी के कारण सोने की कीमतों में गिरावट सीमित रही।

उनके मुताबिक निवेशकों की नजर अमेरिकी फेड के बाद बैंक ऑफ इंग्लैंड और बैंक ऑफ जापान की मौद्रिक नीति पर भी रहेगी। इसके अलावा भारत, अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी, जापान और यूरो क्षेत्र के महंगाई संबंधी आंकड़े भी बाजार के लिए महत्वपूर्ण रहेंगे।

पश्चिम एशिया का तनाव भी अहम कारक

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमतें सप्ताह के अंत में 100 डॉलर प्रति बैरल के स्तर से ऊपर बनी रहीं। तेल की कीमतों में आगे होने वाला बदलाव महंगाई की आशंकाओं और केंद्रीय बैंकों की नीतियों को प्रभावित कर सकता है, जिसका अप्रत्यक्ष असर सोने-चांदी पर पड़ सकता है।

इसके अलावा चीन से जुड़े निवेश और औद्योगिक गतिविधियों के आंकड़ों पर भी बाजार की नजर रहेगी, खासकर औद्योगिक धातुओं के संदर्भ में।

आगे क्या है बाजार का संकेत?

विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल सोने और चांदी का बाजार स्पष्ट दिशा के बजाय उतार-चढ़ाव वाले दौर में रह सकता है। अमेरिकी फेड का फैसला अगले सप्ताह की सबसे महत्वपूर्ण घटनाओं में शामिल होगा। इसके साथ डॉलर, तेल, महंगाई के आंकड़े और भू-राजनीतिक घटनाक्रम कीमती धातुओं की कीमतों में आगे की चाल तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

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