साहिबगंज: झारखंड के साहिबगंज जिले में इस बार मानसून किसानों के लिए राहत लेकर आया है। मौसम के शुरुआती अनुमानों के विपरीत जिले में जुलाई के दौरान सामान्य से अधिक वर्षा दर्ज की गई, जिससे खरीफ फसलों, खासकर धान की खेती को बड़ा फायदा मिला है। कृषि विभाग का मानना है कि यदि आगामी दिनों में मौसम अनुकूल बना रहा, तो इस वर्ष बेहतर उत्पादन की संभावना है।
जुलाई में सामान्य से अधिक हुई वर्षा
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, जुलाई महीने में जिले में जहां सामान्य वर्षा 290 मिमी मानी जाती है, वहीं इस बार लगभग 315 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। यानी सामान्य के मुकाबले करीब 109 प्रतिशत वर्षा हुई। अच्छी बारिश का सकारात्मक असर खेतों में साफ दिखाई दे रहा है।
धान और मक्का की खेती को मिला लाभ
24 जुलाई तक जिले में धान की रोपाई का दायरा लगभग 68 प्रतिशत तक पहुंच चुका है। वहीं मक्का की खेती भी करीब 63 प्रतिशत क्षेत्र में हो चुकी है। समय पर हुई वर्षा से खेतों में पर्याप्त नमी बनी हुई है, जिससे किसानों को रोपाई में सुविधा मिल रही है।
पहले से की गई थी किसानों की तैयारी
संभावित अल नीनो प्रभाव को देखते हुए जिला प्रशासन और कृषि विभाग ने पहले ही किसानों के बीच जागरूकता अभियान चलाया था। कार्यशालाओं और प्रचार अभियानों के माध्यम से किसानों को कम अवधि में तैयार होने वाली धान की किस्में अपनाने और मौसम के अनुसार खेती की योजना बनाने की सलाह दी गई थी।
कुछ किसानों ने सूखा सहन करने वाली फसलों की भी बुवाई की थी। हालांकि अब लगातार हो रही अच्छी बारिश से धान की खेती करने वाले किसानों का उत्साह बढ़ा है।
मई से जुलाई तक कैसा रहा बारिश का रिकॉर्ड?
पिछले तीन महीनों के वर्षा आंकड़ों पर नजर डालें तो मौसम में उतार-चढ़ाव देखने को मिला—
- मई: सामान्य 75 मिमी के मुकाबले लगभग 161 मिमी वर्षा।
- जून: सामान्य 225 मिमी के मुकाबले करीब 135 मिमी वर्षा।
- जुलाई: सामान्य 290 मिमी के मुकाबले लगभग 315 मिमी वर्षा।
जून में कम बारिश के बाद जुलाई में हुई अच्छी वर्षा ने खेती की स्थिति में काफी सुधार किया।
धान की रोपाई में आई तेजी
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, जून के दौरान तैयार की गई धान की नर्सरी (बिचड़ा) जुलाई में पर्याप्त वर्षा मिलने के बाद रोपाई के लिए पूरी तरह तैयार हो गई। यही वजह है कि इस महीने धान की रोपाई में तेजी आई और खेती का रकबा तेजी से बढ़ा है।
जानकारों का मानना है कि अधिकांश किसान 15 अगस्त तक धान की रोपाई पूरी कर लेंगे। यदि मानसून की स्थिति इसी तरह बनी रही तो जिले में इस बार धान की अच्छी पैदावार होने की उम्मीद है।
कृषि विभाग ने किसानों को दी सलाह
कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि जिन खेतों में अभी तक धान की रोपाई नहीं हुई है, वहां जल्द से जल्द यह कार्य पूरा करें। यदि देरी हो रही है, तो कम अवधि में तैयार होने वाली धान की किस्मों का चयन करना बेहतर रहेगा, ताकि उपलब्ध पानी का प्रभावी उपयोग करते हुए अच्छी उपज प्राप्त की जा सके।
विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि मौसम फिलहाल अनुकूल है, लेकिन किसान नियमित रूप से मौसम पूर्वानुमान पर नजर रखें और कृषि विभाग की सलाह के अनुसार खेती संबंधी निर्णय लें।
