Monday, July 27, 2026

EPFO Auto Refund Update: 1.18 लाख निष्क्रिय PF खातों का सत्यापन पूरा, अगस्त से शुरू हो सकता है ऑटो क्रेडिट.

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नई दिल्ली: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) लंबे समय से निष्क्रिय पड़े भविष्य निधि (PF) खातों में जमा राशि को लाभार्थियों तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठा रहा है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, संगठन ने पायलट परियोजना के तहत 1.18 लाख निष्क्रिय खातों का सत्यापन पूरा कर लिया है और तकनीकी प्रक्रिया पूरी होने के बाद पात्र सदस्यों के बैंक खातों में राशि स्वतः जमा की जा सकती है।

पायलट प्रोजेक्ट में लाखों खातों की पहचान

रिपोर्ट के अनुसार, श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने एक पायलट कार्यक्रम के तहत 7.11 लाख निष्क्रिय EPF खातों को चिन्हित किया है। इन खातों में ₹1,000 या उससे अधिक की राशि जमा है और कुल मिलाकर करीब ₹30.52 करोड़ बिना दावे के पड़े हुए हैं।

सत्यापन प्रक्रिया के दौरान लगभग 1.18 लाख खातों की जानकारी की पुष्टि कर उन्हें संबंधित सदस्यों के सक्रिय बैंक खातों से जोड़ा गया है, ताकि भविष्य में भुगतान सीधे किया जा सके।

बिना क्लेम किए सीधे खाते में पहुंचेगी राशि

प्रस्तावित व्यवस्था के तहत पात्र सदस्यों को अपना PF बैलेंस प्राप्त करने के लिए अलग से कोई दावा (Claim) दाखिल करने की आवश्यकता नहीं होगी। तकनीकी प्रणाली पूरी तरह तैयार होने के बाद EPFO योग्य सदस्यों के बैंक खातों में मूल राशि के साथ लागू ब्याज भी सीधे ट्रांसफर करने की योजना पर काम कर रहा है।

नई तकनीक पर चल रहा है काम

इस परियोजना के लिए सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस्ड कंप्यूटिंग (C-DAC) को EPFO के तकनीकी प्लेटफॉर्म को अपग्रेड करने की जिम्मेदारी दी गई है। नए सिस्टम में ऐसा फीचर विकसित किया जा रहा है, जो पात्र खातों के लिए स्वतः भुगतान प्रक्रिया शुरू कर सके।

फिलहाल EPFO का मौजूदा सिस्टम केवल सदस्यों द्वारा जमा किए गए क्लेम के आधार पर भुगतान करता है, जबकि प्रस्तावित व्यवस्था में सिस्टम स्वयं पात्र खातों की पहचान कर भुगतान आरंभ करेगा।

UAN और आधार के जरिए हुआ सत्यापन

यह पहल EPFO के 2.01 सुधार कार्यक्रम का हिस्सा मानी जा रही है, जो यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) व्यवस्था पर आधारित है।

सत्यापन के दौरान संगठन ने—

  • आधार से जुड़े निष्क्रिय खातों का मिलान किया।
  • सक्रिय बैंक खातों की जानकारी अपडेट की।
  • “पेनी ड्रॉप” प्रक्रिया के माध्यम से बैंक विवरण की पुष्टि की।
  • ऐसे खाताधारकों की पहचान भी की जिनका निधन हो चुका है।

हजारों करोड़ रुपये अब भी बिना दावे के

रिपोर्ट के अनुसार, पिछले लगभग दो दशकों में 31.86 लाख निष्क्रिय EPFO खातों में करीब ₹10,903 करोड़ की राशि अब भी बिना दावे के पड़ी हुई है।

बताया जा रहा है कि पायलट परियोजना को 23 फरवरी 2026 को श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया की मंजूरी मिली थी। शुरुआती चरण में छोटे बैलेंस वाले खातों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

अगस्त के अंत तक शुरू हो सकती है प्रक्रिया

सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया है कि आवश्यक तकनीकी एकीकरण (Technology Integration) का काम अगस्त 2026 के अंत तक पूरा होने की उम्मीद है। इसके बाद पात्र खातों में ऑटोमैटिक रिफंड की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है।

यदि पायलट सफल रहता है, तो EPFO इस व्यवस्था का विस्तार उन 24.76 लाख अन्य निष्क्रिय खातों तक भी कर सकता है, जिनमें ₹1,000 से अधिक की राशि जमा है।

क्या होगा लाभ?

नई व्यवस्था लागू होने पर लाखों EPF सदस्यों को वर्षों से लंबित राशि प्राप्त करने के लिए अलग-अलग आवेदन या क्लेम प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा। इससे भुगतान प्रक्रिया तेज, पारदर्शी और अधिक सुविधाजनक बनने की उम्मीद है।

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