मुंबई, 8 अक्टूबर 2026: भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को भारी बिकवाली देखने को मिली। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों, कमजोर वैश्विक संकेतों, विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली और ब्याज दरों को लेकर बढ़ी चिंता ने बाजार के sentiment पर दबाव बनाया। कारोबार के दौरान निफ्टी ने 52-सप्ताह का नया निचला स्तर भी छुआ।
सेंसेक्स में 1045 अंक की गिरावट
दिन के अंत में बीएसई सेंसेक्स 1,045.46 अंक यानी 1.44 प्रतिशत गिरकर 71,593.24 पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान सेंसेक्स 71,327.75 तक फिसल गया था।
वहीं निफ्टी 50 में 371.25 अंक यानी 1.64 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और यह 22,231.80 पर बंद हुआ। इंट्रा-डे कारोबार में निफ्टी 22,179.90 तक पहुंच गया, जो 2026 का नया 52-सप्ताह का निचला स्तर रहा।
कच्चे तेल ने बढ़ाई चिंता
बाजार में गिरावट के पीछे कच्चे तेल की कीमतों में तेजी एक प्रमुख कारण रही। ब्रेंट क्रूड 104 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गया। तेल की कीमतों में तेजी से भारत जैसे आयात पर निर्भर देश में महंगाई और कंपनियों की लागत बढ़ने की चिंता बढ़ती है।
इसके साथ ही अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी और कमजोर वैश्विक संकेतों ने भी निवेशकों के sentiment पर असर डाला।
RBI की सख्त नीति का भी असर
एक दिन पहले भारतीय रिजर्व बैंक ने रेपो रेट में 25 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी कर इसे 5.50 प्रतिशत किया था और नीति रुख को ‘calibrated tightening’ किया था। इसके बाद बाजार में ब्याज दरों के लंबे समय तक ऊंचे रहने को लेकर चिंता बढ़ी।
मेटल और अन्य सेक्टरों में बिकवाली
गुरुवार को गिरावट का असर लगभग पूरे बाजार में दिखाई दिया। मेटल, रियल्टी, ऑटो, एनर्जी, FMCG, फार्मा और ऑयल एंड गैस समेत सभी प्रमुख सेक्टरल इंडेक्स लाल निशान में बंद हुए। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी 2 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई।
निफ्टी के 50 शेयरों में केवल इंफोसिस, टेक महिंद्रा और एक्सिस बैंक बढ़त के साथ बंद हुए, जबकि ITC, इंडिगो, पावर ग्रिड, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स समेत कई प्रमुख शेयरों में दबाव रहा।
विदेशी निवेशकों की बिकवाली भी बनी दबाव की वजह
विदेशी संस्थागत निवेशकों की लगातार बिकवाली ने भी बाजार की कमजोरी बढ़ाई। इसके साथ ही वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता और तेल की ऊंची कीमतों ने निवेशकों को सतर्क रखा।
अब बाजार की नजर आगामी तिमाही नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों की दिशा पर रहेगी। ब्याज दरों और वैश्विक परिस्थितियों में आगे होने वाले बदलाव भी बाजार की चाल के लिए महत्वपूर्ण रहेंगे।
BHARATSUPERFASTNEWS
