भभुआ। कैमूर जिले में स्थित माता मुंडेश्वरी धाम व मंदिर को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विकसित किया जाएगा। यहां प्रत्येक माह श्रद्धालुओं की संख्या अधिक रहती है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मां मुंडेश्वरी धाम को फोरलेन सड़क से जोड़ा जाएगा। यह बातें मां मुंडेश्वरी धाम परिसर में आयोजित सभा के दौरान उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कही।
उन्होंने कहा कि मां मुंडेश्वरी मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए आते हैं, इसलिए मंदिर तक पहुंचने वाली सड़क व्यवस्था को और बेहतर बनाया जाएगा। बेहतर सड़क संपर्क से न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय व्यापार और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
उन्होंने मंदिर के सौंदर्यीकरण और जीर्णोद्धार की भी बात कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि कई बुजुर्ग, महिलाएं और दिव्यांगजन पहाड़ी पर चढ़ने में असमर्थ होने के कारण मां मुंडेश्वरी के दर्शन नहीं कर पाते हैं। इसे ध्यान में रखते हुए लंबे समय से प्रस्तावित रोप-वे परियोजना को शीघ्र पूरा कराने का प्रयास किया जाएगा।
रोप-वे से श्रद्धालुओं को मिलेगी बड़ी राहत
मुख्यमंत्री ने कहा कि रोप-वे निर्माण का कार्य पहले से स्वीकृत है, लेकिन विभिन्न कारणों से अब तक पूरा नहीं हो सका है। सरकार इस दिशा में तेजी से काम करेगी। उन्होंने विश्वास जताते हुए कहा कि जब वह अगली बार कैमूर आएंगे तो कोशिश रहेगी कि रोप-वे बनकर तैयार हो और उसका उद्घाटन किया जा सके।
रोप-वे बनने से श्रद्धालुओं को बड़ी राहत मिलेगी और पर्यटन को भी नया आयाम मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कैमूर की प्राकृतिक सुंदरता की विशेष चर्चा करते हुए कहा कि यहां की पहाड़ियां, जंगल, झरने और प्राकृतिक संसाधन देश-दुनिया के पर्यटकों को आकर्षित करने की क्षमता रखते हैं।
उन्होंने कहा कि दुनिया में बहुत कम स्थान ऐसे हैं जहां प्रकृति ने इतनी खूबसूरती एक साथ प्रदान की हो। कैमूर की पहाड़ियां और वन क्षेत्र बिहार ही नहीं, बल्कि पूरे देश की धरोहर हैं। उन्होंने घोषणा करते हुए कहा कि कैमूर जंगल सफारी को और अधिक आकर्षक बनाया जाएगा। इसके लिए हेलीकॉप्टर सेवा से जोड़ने की योजना पर कार्य किया जाएगा।
सीएम ने कहा कि हेलीकॉप्टर के माध्यम से पर्यटक कैमूर की पहाड़ियों, घने जंगलों, झरनों, नदियों और प्राकृतिक सौंदर्य का दृश्य देख सकेंगे। इससे न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और व्यवसाय के नए अवसर भी पैदा होंगे।


