Tuesday, July 14, 2026

मानसून में क्यों बढ़ जाता है UTI का खतरा? जानिए कारण, बचाव और कब तुरंत डॉक्टर से मिलना चाहिए

Share

हेल्थ डेस्क: बारिश का मौसम गर्मी से राहत तो देता है, लेकिन इसके साथ कई तरह के संक्रमणों का खतरा भी बढ़ जाता है। इन्हीं में से एक है यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (UTI)। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, मानसून के दौरान वातावरण में बढ़ी नमी, कम पानी पीने की आदत और लंबे समय तक गीले कपड़ों में रहने की वजह से UTI के मामले बढ़ सकते हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि UTI तब होता है, जब बैक्टीरिया मूत्र मार्ग (Urinary Tract) में पहुंचकर तेजी से बढ़ने लगते हैं। इसके कारण पेशाब के दौरान जलन, बार-बार पेशाब आने की इच्छा और मूत्र संबंधी अन्य परेशानियां हो सकती हैं।

मानसून में UTI का जोखिम क्यों बढ़ता है?

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक बारिश के मौसम में लोगों को अपेक्षाकृत कम प्यास लगती है, जिससे पानी का सेवन कम हो जाता है। शरीर में पानी की कमी होने पर पेशाब गाढ़ा हो सकता है और बैक्टीरिया आसानी से बाहर नहीं निकल पाते, जिससे संक्रमण की संभावना बढ़ जाती है।

इसके अलावा, इस मौसम में वातावरण में अधिक नमी रहती है। बारिश में भीगना या लंबे समय तक गीले कपड़े पहनकर रहना शरीर के निचले हिस्से में नमी बनाए रखता है, जो बैक्टीरिया के पनपने के लिए अनुकूल वातावरण तैयार कर सकता है।

UTI से बचने के आसान उपाय

  • पर्याप्त पानी पिएं: केवल प्यास लगने पर ही नहीं, बल्कि पूरे दिन नियमित अंतराल पर पानी पीते रहें। इससे मूत्र मार्ग साफ रहता है और संक्रमण का खतरा कम हो सकता है।
  • सूती और ढीले कपड़े पहनें: कॉटन के कपड़े त्वचा को सांस लेने देते हैं और अतिरिक्त नमी सोख लेते हैं, जिससे संक्रमण की संभावना घटती है।
  • गीले कपड़े तुरंत बदलें: बारिश या पसीने से भीगने के बाद जल्द से जल्द सूखे कपड़े पहनें। लंबे समय तक गीले अंडरगारमेंट्स या कपड़े पहनकर न रहें।
  • स्वच्छता बनाए रखें: शौचालय के उपयोग के बाद सही तरीके से सफाई करें और निजी अंगों को साफ व सूखा रखें।

किन बातों का रखें विशेष ध्यान?

विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि पेशाब को लंबे समय तक रोककर नहीं रखना चाहिए। ऐसा करने से मूत्राशय में बैक्टीरिया बढ़ने का खतरा बढ़ सकता है।

इसके अलावा, निजी अंगों की सफाई के लिए अत्यधिक सुगंधित साबुन, स्प्रे या कठोर केमिकल वाले इंटिमेट प्रोडक्ट्स के इस्तेमाल से बचना चाहिए। ऐसे उत्पाद शरीर के प्राकृतिक संतुलन को प्रभावित कर सकते हैं।

इन लक्षणों को नजरअंदाज न करें

यदि पेशाब के दौरान लगातार जलन हो, बार-बार पेशाब आने की इच्छा हो, पेशाब धुंधला दिखाई दे या अन्य असामान्य लक्षण महसूस हों, तो बिना देरी किए डॉक्टर से सलाह लें। समय पर उपचार नहीं मिलने पर संक्रमण मूत्राशय से आगे बढ़कर किडनी तक पहुंच सकता है, जिससे गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून के दौरान थोड़ी सावधानी, पर्याप्त पानी का सेवन और व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखने से UTI के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

Read more

Local News