Tuesday, July 14, 2026

पश्चिम एशिया तनाव से शेयर बाजार दबाव में, सेंसेक्स 561 अंक और निफ्टी 159 अंक टूटा.

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नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का असर मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार पर भी देखने को मिला। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव से निवेशकों की चिंता बढ़ी, जिसका प्रभाव घरेलू इक्विटी बाजारों में व्यापक बिकवाली के रूप में दिखाई दिया। कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल ने भी बाजार की धारणा को कमजोर किया।

कारोबार समाप्त होने पर बीएसई सेंसेक्स 561.46 अंक यानी 0.72 प्रतिशत की गिरावट के साथ 77,054.94 पर बंद हुआ। वहीं एनएसई निफ्टी-50 158.95 अंक या 0.66 प्रतिशत फिसलकर 24,052.05 के स्तर पर आ गया। दिन के दौरान सेंसेक्स 77,001.48 और निफ्टी 24,023.70 तक नीचे चला गया था।

इन सेक्टरों पर सबसे ज्यादा दबाव

मंगलवार के कारोबार में रियल्टी, पीएसयू बैंक, ऑटो और वित्तीय सेवा (फाइनेंशियल सर्विसेज) से जुड़े शेयरों में सबसे अधिक बिकवाली देखने को मिली। इन सभी सेक्टर सूचकांकों में एक प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। दूसरी ओर, फार्मा शेयरों ने बेहतर प्रदर्शन किया और यह सेक्टर एक प्रतिशत से ज्यादा बढ़त के साथ बंद हुआ।

इन शेयरों में रही तेजी और गिरावट

बाजार की कमजोरी के बीच भारती एयरटेल, सन फार्मा, टीसीएस, टाटा स्टील और अडानी पोर्ट्स के शेयर बढ़त के साथ बंद हुए।

वहीं रिलायंस इंडस्ट्रीज, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक, एचसीएल टेक, बजाज फिनसर्व, एशियन पेंट्स, एलएंडटी और महिंद्रा एंड महिंद्रा के शेयरों में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई।

कच्चे तेल और सोने की कीमतों में बढ़त

भू-राजनीतिक अनिश्चितता के बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी बनी रही। ब्रेंट क्रूड लगभग 86.59 डॉलर प्रति बैरल और अमेरिकी डब्ल्यूटीआई क्रूड करीब 80.59 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता रहा। सितंबर डिलीवरी वाला ब्रेंट फ्यूचर जून के मध्य के बाद अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गया।

सुरक्षित निवेश की मांग बढ़ने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में भी हल्की मजबूती देखने को मिली और यह करीब 4,022.59 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता रहा।

बाजार विशेषज्ञों की क्या है राय?

विश्लेषकों का मानना है कि हाल की तेजी के बाद बाजार में आई यह गिरावट मुख्य रूप से मुनाफावसूली का परिणाम है। उनका कहना है कि तकनीकी दृष्टि से 24,025 का स्तर निफ्टी के लिए अहम सपोर्ट माना जा रहा है। यदि सूचकांक इस स्तर के ऊपर बना रहता है तो रिकवरी की संभावना बनी रह सकती है।

हालांकि, इस स्तर के नीचे फिसलने पर बिकवाली का दबाव और बढ़ सकता है। वहीं बाजार में दोबारा मजबूती के संकेत के लिए निफ्टी का 24,136 के ऊपर टिकना जरूरी माना जा रहा है। विशेषज्ञ फिलहाल निवेशकों को गिरावट के दौरान चरणबद्ध तरीके से खरीदारी (Buy on Dips) की रणनीति अपनाने की सलाह दे रहे हैं।

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