26 अक्टूबर 2026 | BHARATSUPERFASTNEWS
पटना: बिहार विधान परिषद की आठ सीटों पर होने वाली मतगणना से पहले राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने प्रक्रिया में संभावित गड़बड़ियों को लेकर चिंता जताई है। सोमवार को राजद विधायक भाई वीरेंद्र के नेतृत्व में पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने पटना स्थित मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। पार्टी ने मतगणना को निष्पक्ष, पारदर्शी और निर्धारित नियमों के अनुरूप संपन्न कराने की मांग की।
प्रतिनिधिमंडल ने मतगणना के दौरान अमान्य मतपत्रों के निपटारे और मतदान में इस्तेमाल किए गए पेन की सुरक्षा सहित कई मुद्दे उठाए। राजद नेताओं के मुताबिक, मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने निष्पक्ष मतगणना का आश्वासन दिया।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से मिला राजद का प्रतिनिधिमंडल
बिहार विधान परिषद की आठ सीटों के लिए 23 अक्टूबर को मतदान हुआ था। मतगणना से पहले राजद ने चुनावी प्रक्रिया को लेकर अपनी आशंकाएं निर्वाचन प्रशासन के सामने रखीं।
भाई वीरेंद्र के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल में पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से राजद प्रत्याशी डॉ. संजीव कुमार भी शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल ने मतगणना के प्रत्येक चरण में निर्धारित नियमों का पालन सुनिश्चित करने और सभी प्रत्याशियों के मतों की गिनती पारदर्शी तरीके से कराने की मांग की।
पार्टी ने ज्ञापन के जरिए करीब नौ से दस बिंदुओं पर निर्वाचन पदाधिकारी का ध्यान आकृष्ट कराया।
RJD प्रत्याशी संजीव कुमार ने क्या कहा?
पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से राजद प्रत्याशी संजीव कुमार सिंह ने कहा कि प्रतिनिधिमंडल मतगणना से संबंधित आशंकाओं को लेकर निर्वाचन आयोग के अधिकारियों से मिला था।
उन्होंने बताया कि प्रतिनिधिमंडल ने उन बिंदुओं को अधिकारियों के सामने रखा, जिन पर मतगणना के दौरान गड़बड़ी की आशंका हो सकती है। संजीव कुमार के अनुसार, अधिकारियों ने निष्पक्ष और स्वतंत्र तरीके से मतगणना कराने का भरोसा दिया।
अमान्य मतपत्रों को लेकर उठाए सवाल
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी विनोद सिंह गुंजियाल से मुलाकात के बाद भाई वीरेंद्र ने मतगणना के दौरान अमान्य घोषित किए जाने वाले मतपत्रों के निपटारे का मुद्दा उठाया।
उन्होंने मांग की कि किसी मतपत्र को अमान्य घोषित करने की स्थिति में निर्धारित नियमों के अनुसार तत्काल निर्णय लिया जाए। यदि किसी मतपत्र को लेकर विवाद हो या निर्णय लंबित रहे, तो अगले चरण की गिनती शुरू करने से संबंधित प्रक्रिया भी स्पष्ट होनी चाहिए।
राजद का कहना है कि नियमों के स्पष्ट अनुपालन से मतगणना के बाद विवाद की आशंका कम की जा सकती है।
मतदान में इस्तेमाल किए गए पेन की सुरक्षा का मुद्दा
प्रतिनिधिमंडल ने मतदान के दौरान मतदाताओं को दिए गए पेन के इस्तेमाल और उनकी सुरक्षा पर भी सवाल उठाए।
भाई वीरेंद्र के अनुसार, मतदान में इस्तेमाल किए गए पेन को मतगणना करने वाले अधिकारियों के पास नहीं रखा जाना चाहिए। प्रतिनिधिमंडल ने आशंका जताई कि यदि इन पेन का इस्तेमाल मतपत्रों पर अतिरिक्त निशान लगाने के लिए किया गया, तो किसी वैध मतपत्र को अमान्य घोषित किए जाने की स्थिति पैदा हो सकती है।
इसी वजह से राजद ने मतदान सामग्री की सुरक्षा और उसके इस्तेमाल को लेकर स्पष्ट व्यवस्था बनाने की मांग की। ये आशंकाएं पार्टी की ओर से जताई गई हैं; इनके आधार पर मतगणना में गड़बड़ी होने की पुष्टि नहीं हुई है।
बिहार की आठ MLC सीटों पर होगी मतगणना
बिहार विधान परिषद की जिन आठ सीटों के लिए मतदान हुआ था, उनमें पटना, दरभंगा और तिरहुत की स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की सीटें शामिल हैं। इसके अलावा कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र और सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की सीटों पर भी मतगणना होनी है।
23 अक्टूबर को हुए मतदान के बाद अब मतगणना की प्रक्रिया पर सभी की नजर है। राजद ने निर्वाचन प्रशासन से नियमों के पालन और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की है।
निर्वाचन प्रशासन के फैसलों पर रहेगी नजर
राजद के प्रतिनिधिमंडल ने ज्ञापन के माध्यम से मतगणना से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर अपनी चिंताएं दर्ज कराई हैं। पार्टी ने मांग की है कि मतपत्रों की जांच, अमान्य मतों के निपटारे और मतदान सामग्री की सुरक्षा से संबंधित नियमों का पालन किया जाए।
अब मतगणना के दौरान निर्वाचन प्रशासन किस तरह इन प्रक्रियाओं का पालन सुनिश्चित करता है, इस पर नजर रहेगी।
