Saturday, October 31, 2026

बिहार में कॉलेज शिक्षकों की सैलरी अब सीधे ट्रेजरी से देने की तैयारी, कैबिनेट की मंजूरी का इंतजार.

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पटना | 31 अक्टूबर 2026 | Bharat Superfast News

बिहार के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में कार्यरत शिक्षकों के वेतन भुगतान की व्यवस्था में बड़ा बदलाव करने की तैयारी है। राज्य सरकार अब विश्वविद्यालयों के बजाय सीधे कोषागार (ट्रेजरी) के माध्यम से शिक्षकों के बैंक खातों में वेतन भेजने की योजना बना रही है। इस प्रस्ताव को लोक भवन से सहमति मिलने की बात सामने आई है। अब इसे राज्य मंत्रिमंडल की मंजूरी के लिए भेजने की तैयारी है।

नई व्यवस्था लागू होने के बाद शिक्षकों के वेतन भुगतान की प्रक्रिया में विश्वविद्यालयों की मौजूदा भूमिका बदल जाएगी। हालांकि, यह व्यवस्था कैबिनेट की स्वीकृति और आगे जारी होने वाले दिशा-निर्देशों के बाद ही लागू हो सकेगी।

अभी विश्वविद्यालयों के माध्यम से होता है वेतन भुगतान

फिलहाल बिहार के विश्वविद्यालयों को शिक्षकों के वेतन भुगतान के लिए कोषागार से राशि आवंटित की जाती है। इसके बाद विश्वविद्यालय अपने स्तर पर वेतन भुगतान की प्रक्रिया पूरी करते हैं और शिक्षकों के खातों में राशि भेजते हैं।

प्रस्तावित व्यवस्था में इस प्रक्रिया को बदलने की योजना है। इसके तहत ट्रेजरी से ही सीधे शिक्षकों के बैंक खातों में वेतन भेजा जाएगा।

लोक भवन से मिली सहमति, कैबिनेट की मंजूरी बाकी

वेतन भुगतान की नई व्यवस्था से जुड़े प्रस्ताव को लोक भवन से सहमति मिलने की जानकारी दी गई है। अब इसे राज्य मंत्रिमंडल के समक्ष रखा जाना है।

कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद ही नई व्यवस्था लागू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। इसके लिए संबंधित विभाग की ओर से दिशा-निर्देश भी जारी किए जा सकते हैं।

विश्वविद्यालयों की भूमिका में होगा बदलाव

नई व्यवस्था लागू होने पर वेतन भुगतान से जुड़ी वित्तीय प्रक्रिया सीधे कोषागार से संचालित होगी। इससे विश्वविद्यालयों के स्तर पर वेतन जारी करने की मौजूदा प्रक्रिया में बदलाव आएगा।

हालांकि, वेतन निर्धारण, शिक्षकों के सेवा संबंधी रिकॉर्ड, वेतन बिल तैयार करने और उनके सत्यापन जैसी जिम्मेदारियां किस स्तर पर निभाई जाएंगी, यह अंतिम दिशा-निर्देश जारी होने के बाद स्पष्ट होगा।

शिक्षकों को क्या होगा फायदा?

सरकार का उद्देश्य वेतन भुगतान की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाना बताया जा रहा है। सीधे ट्रेजरी से भुगतान होने पर विश्वविद्यालयों के माध्यम से राशि भेजने की मौजूदा प्रक्रिया में बदलाव आएगा।

इससे भुगतान प्रक्रिया को एकीकृत करने और वित्तीय प्रबंधन को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है। हालांकि, शिक्षकों को इसका वास्तविक लाभ नई व्यवस्था लागू होने और उसके प्रभाव सामने आने के बाद ही स्पष्ट होगा।

फिलहाल कॉलेज शिक्षकों और विश्वविद्यालयों को कैबिनेट की मंजूरी तथा नई व्यवस्था से संबंधित आधिकारिक दिशा-निर्देशों का इंतजार है।

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