पटना, 10 अक्टूबर 2026: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने का लक्ष्य दोहराया है। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि 2030 से पहले बिहार के लोगों को राज्य में ही रोजगार के पर्याप्त अवसर मिलें। इसके साथ ही करीब 33 हजार नए शिक्षकों की बहाली, सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं के सुधार और शिक्षकों को अंतरराष्ट्रीय स्तर का प्रशिक्षण देने की योजनाओं पर भी जोर दिया गया।
मुख्यमंत्री शनिवार को पटना के बापू सभागार में आयोजित राज्यस्तरीय सेवा चित्र एवं भाषण प्रतियोगिता के पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित कर रहे थे।
मार्च तक सरकारी स्कूलों में सुविधाएं सुधारने का लक्ष्य
सम्राट चौधरी ने कहा कि सरकारी स्कूलों में रंगाई-पोताई, पंखे और अन्य जरूरी सुविधाओं को दुरुस्त करने की दिशा में काम किया जा रहा है। सरकार चाहती है कि अगले मार्च तक स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं में बदलाव दिखाई दे।
उन्होंने कहा कि बेहतर शिक्षा के लिए केवल स्कूल भवन होना पर्याप्त नहीं है। विद्यार्थियों को अच्छा शैक्षणिक वातावरण, पर्याप्त शिक्षक और आधुनिक संसाधन उपलब्ध कराना भी जरूरी है।
2030 से पहले बिहार में रोजगार बढ़ाने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार के युवाओं को रोजगार के लिए दूसरे राज्यों पर निर्भर नहीं रहना पड़े, इसके लिए राज्य में ही रोजगार के अवसर तैयार करने की जरूरत है। सरकार का लक्ष्य उद्योगों का विस्तार करना और युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते खोलना है।
उन्होंने बिजली, सड़क और पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं में सुधार का जिक्र करते हुए कहा कि अब उद्योगों के विकास और निवेश को बढ़ावा देने पर ध्यान देना होगा। शिक्षा, कौशल विकास और औद्योगिक विकास को एक साथ आगे बढ़ाकर रोजगार के अवसर बढ़ाए जा सकते हैं।
हालांकि, 2030 से पहले रोजगार उपलब्ध कराने का लक्ष्य सरकार की घोषणा है। इसे पूरा करने के लिए कितने रोजगार सृजित होंगे और किन क्षेत्रों में अवसर मिलेंगे, इसका विस्तृत ब्योरा अलग से सामने आना बाकी है।
33 हजार नए शिक्षकों की बहाली की तैयारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में करीब 33 हजार नए शिक्षकों की नियुक्ति की दिशा में काम किया जा रहा है। उनका कहना था कि स्कूलों में पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध होने से बच्चों की पढ़ाई और शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
उन्होंने शिक्षकों की तैनाती से जुड़ी व्यावहारिक समस्याओं का समाधान करने पर भी जोर दिया। मुख्यमंत्री के अनुसार, महिला शिक्षकों को यथासंभव नजदीकी पंचायतों और अन्य शिक्षकों को नजदीकी प्रखंडों में तैनात करने की व्यवस्था पर विचार किया जाना चाहिए।
हालांकि, बहाली की प्रक्रिया, आवेदन की तारीख, पदों का वर्गवार विवरण और नियुक्ति का कार्यक्रम संबंधित आधिकारिक अधिसूचना से ही स्पष्ट होगा।
700 मॉडल स्कूलों में करीब 3.5 लाख विद्यार्थी
सम्राट चौधरी ने बताया कि राज्य के करीब 700 मॉडल स्कूलों में लगभग 3.5 लाख विद्यार्थी पढ़ रहे हैं। इन स्कूलों में शैक्षणिक सुविधाएं बेहतर करने और विद्यार्थियों को डिजिटल शिक्षा से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री के मुताबिक, सामान्य दिनों में करीब 1.42 लाख विद्यार्थी ऑनलाइन पढ़ाई की सुविधा का इस्तेमाल करते हैं, जबकि सप्ताहांत में यह संख्या लगभग 1.75 लाख तक पहुंच जाती है।
उन्होंने पीएम श्री विद्यालयों में भी आवश्यक सुविधाएं दुरुस्त करने का लक्ष्य अगले मार्च तक पूरा करने की बात कही।
शिक्षा पर बजट का करीब 21 प्रतिशत खर्च
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार के बजट का लगभग 21 प्रतिशत हिस्सा शिक्षा पर खर्च किया जा रहा है। उन्होंने जोर दिया कि शिक्षा पर होने वाले खर्च का लाभ तभी मिलेगा, जब विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण पढ़ाई और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
उन्होंने शिक्षकों की नियुक्ति, आधुनिक शैक्षणिक संसाधनों और प्रशिक्षण को शिक्षा व्यवस्था में सुधार के महत्वपूर्ण हिस्से के रूप में बताया।
211 नए डिग्री कॉलेजों का भी किया जिक्र
उच्च शिक्षा के विस्तार पर बोलते हुए सम्राट चौधरी ने 211 नए डिग्री कॉलेज खोलने की पहल का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को अपने आसपास उच्च शिक्षा की सुविधा मिलनी चाहिए, ताकि उन्हें पढ़ाई के लिए दूसरे शहरों का रुख कम करना पड़े।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि कॉलेजों की स्थापना के साथ वहां योग्य शिक्षकों की उपलब्धता और पढ़ाई की गुणवत्ता सुनिश्चित करना जरूरी है।
शिक्षकों को ऑक्सफोर्ड और विदेशी संस्थानों में प्रशिक्षण देने की योजना
मुख्यमंत्री ने बिहार के शिक्षकों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की शिक्षण पद्धतियों से परिचित कराने की योजना का भी जिक्र किया। उन्होंने कॉलेजों के करीब 100 शिक्षकों को ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय, ऑस्ट्रेलिया और अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों में प्रशिक्षण देने की बात कही।
उनके अनुसार, प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले शिक्षक बिहार लौटकर अपने अनुभव और नई शिक्षण तकनीकों का इस्तेमाल शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर बनाने में कर सकेंगे। इस योजना के क्रियान्वयन और चयन प्रक्रिया का विस्तृत विवरण सामने आना बाकी है।
बिहार का बजट बढ़ने का किया उल्लेख
सम्राट चौधरी ने राज्य की आर्थिक प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा कि बिहार का बजट पहले करीब छह हजार करोड़ रुपये था, जो वर्ष 2024 में बढ़कर लगभग 3.17 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया था।
उन्होंने कहा कि बजट और संसाधनों के विस्तार के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचे और रोजगार के क्षेत्रों में बेहतर परिणाम देना भी जरूरी है। उद्योगों के विकास और स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन को उन्होंने राज्य की आर्थिक मजबूती से जोड़ा।
साइकिल और पोशाक योजनाओं का भी किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को स्कूलों से जोड़ने के लिए साइकिल और पोशाक जैसी योजनाओं की भूमिका का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि बच्चों को शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करना और उनके लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराना जरूरी है।
उन्होंने पोशाक वितरण में जीविका समूहों की भूमिका का भी जिक्र किया। मुख्यमंत्री के मुताबिक, शिक्षा और रोजगार को साथ लेकर चलने से राज्य के विकास को गति मिल सकती है।
विद्यार्थियों को बताया भविष्य का आधार
राज्यस्तरीय सेवा चित्र एवं भाषण प्रतियोगिता में शामिल विद्यार्थियों की सराहना करते हुए सम्राट चौधरी ने कहा कि आज के बच्चे ही भविष्य के नायक बनेंगे। उन्होंने प्रतियोगिता के विजेताओं को बधाई देते हुए विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा निखारने के पर्याप्त अवसर देने पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा पास कराना नहीं, बल्कि बच्चों को जीवन की चुनौतियों के लिए तैयार करना भी है।
कुल मिलाकर, सरकार ने स्कूलों की सुविधाएं बेहतर करने, शिक्षकों की बहाली, उच्च शिक्षा के विस्तार और राज्य में रोजगार के अवसर बढ़ाने को अपनी प्राथमिकताओं में शामिल किया है। इन लक्ष्यों का वास्तविक असर बहाली प्रक्रिया, योजनाओं के क्रियान्वयन और बिहार में नए रोजगार अवसरों के सृजन पर निर्भर करेगा।
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