पटना: बिहार में सड़क अवसंरचना को मजबूत करने के लिए कई राष्ट्रीय राजमार्ग और एक्सप्रेसवे परियोजनाओं पर तेजी से काम किया जा रहा है। करीब 18,289 करोड़ रुपये की लागत वाली 11 प्रमुख परियोजनाओं के पूरा होने पर राज्य में लगभग 547 किलोमीटर का आधुनिक सड़क नेटवर्क विकसित होगा। इससे बिहार के विभिन्न जिलों के बीच आवागमन आसान होने के साथ-साथ उत्तर प्रदेश और झारखंड से संपर्क भी बेहतर होगा।
आमस-दरभंगा एक्सप्रेसवे बनेगा प्रमुख कॉरिडोर
पथ निर्माण विभाग के अनुसार, एनएच-119डी के तहत तैयार हो रहा आमस-दरभंगा एक्सप्रेसवे राज्य की सबसे महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं में शामिल है। लगभग 198.51 किलोमीटर लंबा यह एक्सेस-कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे करीब 6,021.61 करोड़ रुपये की लागत से चार पैकेज में बनाया जा रहा है।
परियोजना पूरी होने के बाद औरंगाबाद, जहानाबाद, पटना, वैशाली, समस्तीपुर और दरभंगा के बीच यात्रा अधिक सुगम होगी और सफर का समय भी कम होने की उम्मीद है।
वाराणसी-औरंगाबाद कॉरिडोर होगा सिक्स लेन
एनएच-19 पर वाराणसी-औरंगाबाद खंड को सिक्स लेन बनाने का कार्य भी जारी है। लगभग 192.40 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर पर करीब 2,848 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। परियोजना पूरी होने के बाद बिहार की सड़क कनेक्टिविटी उत्तर प्रदेश और झारखंड के साथ और मजबूत होगी।
दिघवारा-शेरपुर पुल से मिलेगी राहत
एनएच-131जी के अंतर्गत दिघवारा-शेरपुर सिक्स लेन पुल और एप्रोच रोड का निर्माण भी प्रगति पर है। लगभग 13.53 किलोमीटर लंबी इस परियोजना पर 6,291.69 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इसके पूरा होने से सारण और पटना के बीच यातायात दबाव कम होने और जाम की समस्या में राहत मिलने की संभावना है।
अन्य परियोजनाओं पर भी काम जारी
राज्य में कई अन्य सड़क परियोजनाओं पर भी निर्माण कार्य जारी है। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं—
- छपरा-हाजीपुर के बीच लगभग 66.65 किलोमीटर लंबी फोरलेन सड़क।
- बेगूसराय में करीब 4.255 किलोमीटर लंबा फोरलेन एलिवेटेड रोड।
- डुमरियाघाट के पास गंडक नदी पर नए पुल का निर्माण।
- एनएच-19 के औरंगाबाद-चोरदाहा खंड का लगभग 69 किलोमीटर में सिक्स लेन चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण, जिस पर करीब 1,792.57 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
व्यापार और परिवहन को मिलेगा बढ़ावा
इन सड़क परियोजनाओं के पूरा होने के बाद राज्य में माल परिवहन, कृषि, व्यापार, पर्यटन और औद्योगिक गतिविधियों को गति मिलने की उम्मीद है। साथ ही बिहार से उत्तर प्रदेश और झारखंड की ओर यात्रा अधिक तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक बनने की संभावना है।
