पटना: बिहार सरकार ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए एक नई पहल की शुरुआत की है। राज्य के 10 मॉडल स्कूलों में अब छात्रों को JEE और NEET की निःशुल्क कोचिंग उपलब्ध कराई जाएगी। इस योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली छात्रों को गुणवत्तापूर्ण तैयारी का अवसर देना है।
पहले चरण में 518 छात्रों ने कराया पंजीकरण
योजना की शुरुआत के साथ ही विद्यार्थियों की अच्छी भागीदारी देखने को मिली। प्रारंभिक चरण में 518 छात्रों ने नामांकन कराया है, जिनमें 266 छात्र JEE और 252 छात्र NEET की तैयारी करेंगे। सरकार का लक्ष्य आने वाले समय में इस सुविधा को राज्य के 155 मॉडल स्कूलों तक विस्तारित करना है।
स्मार्ट क्लासरूम में होगी तैयारी
कोचिंग कार्यक्रम के तहत छात्रों को अनुभवी शिक्षकों द्वारा पढ़ाया जाएगा। स्मार्ट क्लासरूम के माध्यम से विषयों की पढ़ाई कराई जाएगी और उच्च गुणवत्ता का अध्ययन सामग्री भी उपलब्ध कराया जाएगा। विद्यार्थियों की शंकाओं के समाधान के लिए विशेष सत्र आयोजित होंगे, जबकि उनकी तैयारी का नियमित मूल्यांकन करने के लिए हर 15 दिन में टेस्ट लिए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने किया कार्यक्रम का शुभारंभ
पटना के शास्त्रीनगर स्थित राजकीय कन्या उच्च माध्यमिक विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने ‘बिहार स्कूल लाइव क्लासेज’ का उद्घाटन किया। इसी अवसर पर बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की ऑनलाइन कोचिंग पहल के तहत मॉडल स्कूलों में मुफ्त JEE-NEET कोचिंग कार्यक्रम की भी शुरुआत की गई।
विद्यार्थियों को मेहनत से पढ़ाई की सलाह
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने ऑनलाइन माध्यम से जुड़े विद्यार्थियों से संवाद किया और पढ़ाई की व्यवस्था की जानकारी ली। उन्होंने छात्रों को पूरी लगन और अनुशासन के साथ तैयारी करने की प्रेरणा देते हुए उज्ज्वल भविष्य के लिए निरंतर प्रयास करने का संदेश दिया।
मेधावी छात्रों का सम्मान
इस अवसर पर विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में उल्लेखनीय प्रदर्शन करने वाले छात्रों को सम्मानित भी किया गया। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की ओर से चयनित विद्यार्थियों को उत्कृष्टता प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।
शिक्षा व्यवस्था में आधुनिक तकनीक का समावेश
राज्य सरकार ने शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के उद्देश्य से सात स्वयंसेवी संस्थाओं के साथ समझौता किया है। इसके तहत सरकारी स्कूलों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), STEM शिक्षा, कोडिंग, डिजाइन थिंकिंग, शिक्षक प्रशिक्षण, AI आधारित मूल्यांकन और डेटा-आधारित शिक्षा प्रबंधन जैसी आधुनिक तकनीकों को बढ़ावा दिया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे विद्यार्थियों को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।


