Monday, November 2, 2026

बंशीधर ब्रजवासी और राहुल राज के BJP के समर्थन में आने पर भड़कीं रोहिणी आचार्य, बोलीं- जनादेश की पीठ में खंजर

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पटना | 1 नवंबर 2026 | Bharat Superfast News

बिहार की राजनीति में दो निर्दलीय विधान पार्षदों बंशीधर ब्रजवासी और राहुल राज के भारतीय जनता पार्टी (BJP) के समर्थन में आने को लेकर विवाद शुरू हो गया है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने इस घटनाक्रम पर सवाल उठाते हुए दोनों नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे मतदाताओं के भरोसे के साथ विश्वासघात बताया।

वहीं, RJD के राज्यसभा सांसद मनोज झा ने पटना स्थित पार्टी कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दोनों विधान पार्षदों की सदस्यता समाप्त करने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि यदि इस मामले में उचित कार्रवाई नहीं होती है, तो पार्टी अदालत का रुख करेगी।

रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया पर साधा निशाना

रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर बंशीधर ब्रजवासी और राहुल राज के फैसले पर नाराजगी जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाताओं ने दोनों नेताओं को निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनकर विधान परिषद भेजा था, लेकिन चुनाव जीतने के बाद वे भाजपा के साथ चले गए।

रोहिणी ने इस घटनाक्रम को ‘जनादेश की पीठ में खंजर’ बताते हुए कहा कि मतदाताओं ने उन्हें भाजपा के चुनाव चिह्न पर नहीं चुना था। उनके मुताबिक, इस फैसले से मतदाताओं के भरोसे पर सवाल खड़े होते हैं।

उन्होंने अपने पोस्ट में सत्ता के साथ जाने के फैसले को राजनीतिक स्वार्थ से जोड़ते हुए दोनों नेताओं की आलोचना की। हालांकि, ये टिप्पणियां रोहिणी आचार्य की राजनीतिक प्रतिक्रिया हैं।

मनोज झा ने सदस्यता समाप्त करने की मांग उठाई

RJD सांसद मनोज झा ने इस मामले में संवैधानिक प्रावधानों का हवाला देते हुए दोनों विधान पार्षदों की सदस्यता समाप्त करने की मांग की है।

पटना स्थित RJD कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में निर्वाचित होने के बाद किसी राजनीतिक दल की औपचारिक सदस्यता ग्रहण करने का मामला संविधान की दसवीं अनुसूची के तहत जांच का विषय हो सकता है।

मनोज झा के अनुसार, पार्टी इस मामले को विधान परिषद के सभापति के समक्ष उठाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सदस्यता के संबंध में उचित कार्रवाई नहीं होती है, तो RJD अदालत का दरवाजा खटखटाएगी।

राजनीतिक दल को समर्थन और सदस्यता ग्रहण करने में अंतर

मनोज झा ने कहा कि किसी निर्दलीय विधान पार्षद का किसी राजनीतिक दल को समर्थन देना और उस दल की औपचारिक सदस्यता ग्रहण करना अलग-अलग स्थितियां हैं।

उन्होंने दावा किया कि दोनों नेताओं के भाजपा में शामिल होने से संबंधित वीडियो और अन्य साक्ष्य पार्टी के पास मौजूद हैं। RJD इन साक्ष्यों के आधार पर मामले को संबंधित प्राधिकारी के समक्ष उठाने की बात कह रही है।

इस विवाद में मुख्य सवाल यह है कि दोनों नेताओं ने भाजपा को केवल समर्थन दिया है या औपचारिक रूप से पार्टी की सदस्यता भी ग्रहण की है। इस अंतर का कानूनी महत्व मामले की आगे की कार्यवाही में अहम हो सकता है।

अब सभापति के फैसले पर रहेगी नजर

बंशीधर ब्रजवासी और राहुल राज को लेकर उठे इस विवाद पर अब संबंधित संवैधानिक प्रावधानों और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर निर्णय की प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी।

RJD ने सदस्यता समाप्त करने की मांग उठाई है और जरूरत पड़ने पर न्यायालय जाने की बात कही है। हालांकि, उपलब्ध खबर में दोनों विधान पार्षदों का पक्ष और इस मामले में विधान परिषद के सभापति की ओर से किसी अंतिम निर्णय की जानकारी नहीं दी गई है।

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