हैदराबाद: फ्रांस में 15 साल से कम उम्र के बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर रोक लगाने की योजना को बड़ा कानूनी झटका लगा है। संवैधानिक परिषद ने इस प्रावधान को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जुड़ी चिंताओं के आधार पर स्वीकार नहीं किया। फैसले के बाद राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने सरकार से कानून को नए तरीके से तैयार करने को कहा है।
रिपोर्ट के मुताबिक, परिषद की मुख्य चिंता उम्र सत्यापन की व्यवस्था को लेकर है। यदि किसी ऑनलाइन सेवा पर अंडर-15 यूजर्स को प्रतिबंधित किया जाता है, तो प्लेटफॉर्म को यूजर्स की उम्र की पुष्टि करनी होगी। इसका असर वयस्कों पर भी पड़ सकता है, क्योंकि उन्हें भी सेवा इस्तेमाल करने से पहले उम्र साबित करनी पड़ सकती है।
परिषद ने माना कि प्रस्तावित कानून में यह पर्याप्त रूप से स्पष्ट नहीं था कि उम्र सत्यापन किस तरीके से और किन सीमाओं के भीतर किया जाएगा। इसके कारण यूजर्स की निजता और अधिकारों की रक्षा के लिए जरूरी कानूनी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हुए।
सितंबर से लागू होना था प्रस्तावित नियम
फ्रांस की संसद ने 15 साल से कम उम्र के बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर रोक लगाने वाला कानून पारित किया था। इसे सितंबर से लागू करने की योजना थी। प्रस्ताव के तहत नाबालिगों के नए अकाउंट बनाए जाने पर रोक लगती और पहले से मौजूद अकाउंट्स को भी निर्धारित अवधि में बंद करने की व्यवस्था थी।
राष्ट्रपति मैक्रों ने प्रधानमंत्री सेबेस्टियन लेकोर्नू को परिषद की आपत्तियों को ध्यान में रखते हुए कानून में बदलाव करने का निर्देश दिया है। राष्ट्रपति कार्यालय के अनुसार, सरकार इस व्यवस्था को 2027 के वसंत तक लागू करने की दिशा में काम करना चाहती है।
ऑस्ट्रेलिया से लेकर यूरोप तक उम्र सीमा पर बहस
बच्चों की सोशल मीडिया पहुंच को लेकर कई देशों में नए नियमों पर चर्चा चल रही है। ऑस्ट्रेलिया ने दिसंबर 2025 में 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए प्रमुख सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर प्रतिबंध लागू किया था।
डेनमार्क भी कम उम्र के बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल को सीमित करने की दिशा में कदम उठा चुका है। स्पेन में भी इस विषय पर कानून बनाने को लेकर चर्चा जारी है। चीन, संयुक्त अरब अमीरात और तुर्की में भी बच्चों और किशोरों की ऑनलाइन गतिविधियों को सीमित करने से जुड़े उपायों पर काम किया जा रहा है।
भारत में अभी क्या नियम हैं?
भारत में फिलहाल सोशल मीडिया इस्तेमाल के लिए कोई सामान्य न्यूनतम उम्र सीमा निर्धारित नहीं है। हालांकि, डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन कानून के तहत 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के व्यक्तिगत डेटा के इस्तेमाल से पहले अभिभावक की सहमति से जुड़े प्रावधान हैं।
रिपोर्ट्स के अनुसार, केंद्र सरकार सोशल मीडिया कंपनियों के साथ उम्र आधारित प्रतिबंधों के विकल्पों पर बातचीत कर रही है। हालांकि, भारत में 15 या 16 साल से कम उम्र के बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने संबंधी कोई अंतिम आधिकारिक निर्णय या अधिसूचना अभी सामने नहीं आई है।
फ्रांस का यह फैसला इस व्यापक बहस को भी सामने लाता है कि बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए उम्र सत्यापन, निजता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के बीच संतुलन कैसे बनाया जाए।
