रांची: राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) के मनोरोग विभाग में बुजुर्गों के मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में कदम उठाया गया है। विभाग में नव नियुक्त सहायक प्राध्यापक डॉ. विद्या के.एल. ने सोमवार को अपने पद पर योगदान दिया।
डॉ. विद्या ने जेरियाट्रिक साइकियाट्री (Geriatric Psychiatry) में डीएम की विशेषज्ञता हासिल की है। यह चिकित्सा क्षेत्र खास तौर पर बुजुर्गों में होने वाली मानसिक और व्यवहार संबंधी समस्याओं के उपचार पर केंद्रित है।
अलग जेरियाट्रिक साइकियाट्री ओपीडी की तैयारी
रिम्स के मनोरोग विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. अजय बाखला ने डॉ. विद्या के विभाग से जुड़ने पर प्रसन्नता जताई। उन्होंने बताया कि संस्थान में जल्द ही जेरियाट्रिक साइकियाट्री के लिए अलग ओपीडी शुरू करने की तैयारी चल रही है।
इस विशेष ओपीडी में बुजुर्ग मरीजों को मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित समस्याओं के लिए विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श और उपचार उपलब्ध कराया जाएगा।
बुजुर्ग मरीजों को मिलेगी विशेषज्ञ सुविधा
अलग ओपीडी शुरू होने के बाद बुजुर्ग मरीजों को उनकी उम्र से जुड़ी मानसिक स्वास्थ्य आवश्यकताओं के अनुरूप विशेषज्ञ सेवाएं मिलने की उम्मीद है। इससे रिम्स में ऐसे मरीजों के लिए इलाज और परामर्श की सुविधा अधिक व्यवस्थित हो सकती है।
रिम्स प्रबंधन ने डॉ. विद्या के.एल. का स्वागत करते हुए उनके कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं दी हैं। विभाग को उम्मीद है कि उनकी विशेषज्ञता से बुजुर्गों की मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
