नई दिल्ली: सोशल मीडिया पर गाड़ियों के बीमा को लेकर चल रही बड़ी अफवाह पर भारत सरकार ने पूरी तरह विराम लगा दिया है. पत्र सूचना कार्यालय (PIB) की फैक्ट चेक यूनिट ने आधिकारिक तौर पर स्पष्ट किया है कि E20 ईंधन (80% पेट्रोल और 20% इथेनॉल का मिश्रण) का उपयोग करने से वाहन बीमा पॉलिसी की वैधता पर कोई असर नहीं पड़ेगा. सरकार ने सोशल मीडिया पर किए जा रहे उन दावों को पूरी तरह से “फर्जी” करार दिया है, जिनमें कहा जा रहा था कि E20 ईंधन डालने से बीमा क्लेम खारिज हो सकते हैं.
PIB ने अफवाहों को किया खारिज
पिछले कुछ दिनों से इंटरनेट पर कई ऐसी पोस्ट वायरल हो रही थीं, जिनमें दावा किया जा रहा था कि यदि कोई वाहन मालिक अपनी पुरानी या गैर-संगत गाड़ी में E20 ईंधन का उपयोग करता है, तो बीमा कंपनियां क्लेम देने से मना कर सकती हैं. इससे वाहन चालकों में भारी भ्रम और चिंता पैदा हो गई थी.
इस पर तुरंत संज्ञान लेते हुए पीआईबी फैक्ट चेक ने ट्वीट कर कहा कि मोटर बीमा नीतियां पूरी तरह वैध रहेंगी और ई20 ईंधन के इस्तेमाल के कारण क्लेम सेटलमेंट में कोई कठिनाई नहीं आएगी. इसके साथ ही सरकार ने आम जनता से अपील की है कि वे ऐसी किसी भी भ्रामक जानकारी पर विश्वास करने या उसे शेयर करने से पहले आधिकारिक स्रोतों से उसकी पुष्टि जरूर करें.
देश में तेजी से बढ़ रहा है इथेनॉल का दायरा
हाल ही में जारी केपीएमजी (KPMG) की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत का इथेनॉल सम्मिश्रण कार्यक्रम अब काफी बड़े पैमाने पर सफल हो चुका है. वर्तमान में E20 ईंधन पूरे देश में चालू हो गया है. सरकार का मुख्य उद्देश्य कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता को कम करना, देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करना और पर्यावरण को प्रदूषण मुक्त बनाना है.
अब E85 ईंधन की बारी
सरकार अब E20 से भी आगे बढ़कर E85 ईंधन की ओर कदम बढ़ा रही है. इसी महीने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर इंडियन ऑयल के रिटेल आउटलेट से E85 ईंधन को लॉन्च किया गया था.
- वर्तमान स्थिति: देश के 48 सरकारी तेल विपणन केंद्रों पर E85 ईंधन उपलब्ध है.
- भविष्य का लक्ष्य: दिसंबर 2026 तक इसे 500 आउटलेट्स और दिसंबर 2027 तक करीब 5,000 आउटलेट्स तक पहुंचाने की योजना है.
वाहन मालिकों के लिए जरूरी सलाह
हालांकि आपके वाहन का कानूनी बीमा पूरी तरह सुरक्षित है, लेकिन यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि E85 जैसे उच्च इथेनॉल ईंधन का उपयोग केवल विशेष रूप से निर्मित फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों में ही किया जा सकता है. सामान्य गाड़ियों में इसका उपयोग इंजन को नुकसान पहुंचा सकता है.


