Wednesday, April 29, 2026

पीएम मोदी ने वैश्विक बाजारों के लिए निर्यात-आधारित कृषि, उच्च-मूल्य फसलों और डिजिटल तकनीक पर जोर देते हुए किसानों की आय बढ़ाने का आह्वान किया.

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नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को भारतीय कृषि क्षेत्र के लिए एक नए युग का आह्वान करते हुए कहा कि भारत के लिए अब ‘निर्यात-उन्मुख कृषि उत्पादन’ को बढ़ाने का सही समय आ गया है. बजट 2026-27 के बाद “कृषि और ग्रामीण परिवर्तन” विषय पर आयोजित एक वेबिनार को संबोधित करते हुए, पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में शामिल होकर ही भारतीय किसानों को सशक्त बनाया जा सकता है और रोजगार के नए अवसर पैदा किए जा सकते हैं.

कृषि: अर्थव्यवस्था का रणनीतिक स्तंभ
प्रधानमंत्री ने कहा कि 21वीं सदी के इस दूसरे दशक में कृषि क्षेत्र को नई ऊर्जा के साथ आगे ले जाना सरकार की प्राथमिकता है. उन्होंने कहा, “दुनिया भर में कृषि उत्पादों की मांग बदल रही है. अब चर्चा केवल पारंपरिक खेती पर नहीं, बल्कि निर्यात आधारित खेती, फसल विविधीकरण और खेती में आधुनिक तकनीक के एकीकरण पर होनी चाहिए.”

बजट 2026-27 के माध्यम से बड़े सुधार
पीएम मोदी ने बजट में किए गए सुधारों को रेखांकित करते हुए हितधारकों से कृषि को “उच्च-मूल्य” बनाने के लिए एकजुट होकर काम करने का आग्रह किया. उन्होंने कहा कि कृषि विशेषज्ञों, उद्योग जगत और किसानों को मिलकर काम करना चाहिए ताकि भारतीय उत्पाद वैश्विक मानकों, गुणवत्ता और ब्रांडिंग की कसौटी पर खरे उतर सकें.

प्रमुख फसलों और क्षेत्रों पर ध्यान
संबोधन के दौरान पीएम मोदी ने तटीय और पहाड़ी क्षेत्रों की क्षमता का लाभ उठाने पर विशेष जोर दिया:

उच्च मूल्य वाली फसलें: काजू, नारियल, चंदन, कोको और अगरवुड जैसी फसलों को बढ़ावा देना, जिससे किसानों की आय में भारी वृद्धि हो सके.

मेवे और पहाड़ी खेती: बादाम, अखरोट और चिलगोजा जैसे ड्राई फ्रूट्स के उत्पादन को समर्थन देने के लिए सरकार विशेष योजनाएं बना रही है.

मत्स्य पालन: प्रधानमंत्री ने मछली पालन को एक बड़े निर्यात क्षेत्र के रूप में विकसित करने की आवश्यकता बताई और इसमें निजी निवेश का आह्वान किया.

डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन: खेती का आधुनिक आधार
भारत की बढ़ती डिजिटल शक्ति का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने बताया कि ‘डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन’ के तहत अब तक 7.63 करोड़ से अधिक किसान आईडी बनाई जा चुकी हैं और 23.5 करोड़ फसल भूखंडों का सर्वेक्षण किया गया है. यह डेटाबेस पारदर्शी सब्सिडी और बेहतर मार्केट लिंक प्रदान करने में मदद करेगा.

ग्रामीण उद्यमिता और महिलाओं की भूमिका
प्रधानमंत्री ने ‘SHE-Marts’ का भी जिक्र किया, जो ग्रामीण महिला उद्यमियों के उत्पादों के लिए वैश्विक बाजार के द्वार खोलेगा. उन्होंने प्राकृतिक और जैविक खेती को स्वास्थ्य और अर्थव्यवस्था दोनों के लिए महत्वपूर्ण बताया.

बजट 2026-27 में कृषि क्षेत्र के लिए 1,62,671 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 7% अधिक है. पीएम मोदी का संदेश स्पष्ट है: सरकार तकनीक और नीति के माध्यम से किसानों को केवल ‘अन्नदाता’ नहीं, बल्कि ‘निर्यातकर्ता’ बनाने की दिशा में काम कर रही है.

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