Saturday, September 12, 2026

पीएम मोदी और शी जिनपिंग की द्विपक्षीय बैठक, बराबरी और सहयोग वाली दुनिया पर जोर.

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच भारत मंडपम में द्विपक्षीय मुलाकात हुई। बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने भारत-चीन संबंधों और वैश्विक परिस्थितियों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की।

प्रधानमंत्री मोदी ने बैठक के दौरान सहयोग के लिए चीन का आभार जताया। वहीं, शी जिनपिंग ने भारत और चीन के बीच मिलकर काम करने की जरूरत पर जोर दिया और दोनों देशों की वैश्विक भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।

भारत-चीन सहयोग को बताया अहम

शी जिनपिंग ने कहा कि मौजूदा समय में दुनिया तेजी से बदलाव के दौर से गुजर रही है और कई तरह की चुनौतियां सामने आ रही हैं। ऐसे माहौल में भारत और चीन जैसे बड़े देशों की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है।

उन्होंने दोनों देशों को अपने नागरिकों के हितों के साथ-साथ पूरी मानवता के भविष्य को ध्यान में रखते हुए सहयोग बढ़ाने की बात कही। उनके मुताबिक, भारत और चीन दोनों ग्लोबल साउथ का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और इनके बीच बेहतर तालमेल का व्यापक असर हो सकता है।

BRICS में साथ काम करने पर जोर

चीन के राष्ट्रपति ने BRICS जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत और चीन के बीच सहयोग को और मजबूत करने की आवश्यकता बताई। उन्होंने ऐसी वैश्विक व्यवस्था की वकालत की जिसमें किसी एक देश का वर्चस्व न हो और सभी देशों को समान अवसर एवं अधिकार मिलें।

उन्होंने यह भी कहा कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार और आर्थिक विकास का लाभ केवल कुछ देशों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। वैश्विक आर्थिक व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए जिससे अलग-अलग देशों को विकास का समान अवसर मिल सके।

शी जिनपिंग के अनुसार, सहयोग, समानता और साझा विकास को बढ़ावा देकर दुनिया में शांति और स्थिरता को मजबूत किया जा सकता है। भारत और चीन के बीच संवाद और सहयोग इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

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