Saturday, September 12, 2026

बिहार के इंजीनियरिंग-पॉलिटेक्निक छात्रों को जर्मन, फ्रेंच और जापानी भाषा सिखाएगी सरकार, रिसर्च बजट में 10 गुना बढ़ोतरी की तैयारी.

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पटना: बिहार के सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों और पॉलिटेक्निक संस्थानों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को अब तकनीकी शिक्षा के साथ विदेशी भाषाओं का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। राज्य सरकार जर्मन, फ्रेंच और जापानी भाषा की कक्षाएं शुरू करने की तैयारी में है। इसका मकसद विद्यार्थियों को देश के साथ-साथ विदेशों में रोजगार के अधिक अवसरों के लिए तैयार करना है।

राज्य में तकनीकी शिक्षा को आधुनिक जरूरतों के अनुरूप बनाने के लिए रिसर्च और प्रशिक्षण व्यवस्था में भी बड़े बदलाव की योजना है। राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेजों और पॉलिटेक्निक संस्थानों में शोध के लिए मिलने वाली राशि को 3 लाख रुपये से बढ़ाकर 30 लाख रुपये करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है।

विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री शीला कुमारी ने शनिवार को पॉलिटेक्निक संस्थानों के प्राचार्यों के साथ हुई समीक्षा बैठक के बाद इन योजनाओं की जानकारी दी।

एआई और रोबोटिक्स समेत आधुनिक तकनीक पर जोर

तकनीकी शिक्षा में शोध का दायरा बढ़ाने के लिए सरकार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डेटा साइंस, जीआईएस, रोबोटिक्स, सेमीकंडक्टर और ग्रीन एनर्जी जैसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देने की तैयारी कर रही है।

शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए रिसर्च, इंफ्रास्ट्रक्चर और नए पाठ्यक्रमों से जुड़ी कार्ययोजना तैयार की गई है। विभाग के स्तर पर इन योजनाओं को लागू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।

रिसर्च फंड में 10 गुना बढ़ोतरी का प्रस्ताव

वर्तमान में शोध कार्यों के लिए उपलब्ध 3 लाख रुपये की राशि को बढ़ाकर 30 लाख रुपये करने का प्रस्ताव है। यह प्रस्ताव वित्त विभाग की सहमति के बाद कैबिनेट के सामने रखा जाएगा।

रिसर्च बजट बढ़ने से आधुनिक तकनीक और उभरते क्षेत्रों में शोध करने वाले शिक्षकों और विद्यार्थियों को अधिक संसाधन उपलब्ध होने की उम्मीद है।

98 फीसदी सीटों पर हुआ नामांकन

समीक्षा बैठक में तकनीकी संस्थानों में नामांकन की स्थिति की भी जानकारी दी गई। विभाग के मुताबिक मौजूदा शैक्षणिक सत्र में इंजीनियरिंग कॉलेजों और पॉलिटेक्निक संस्थानों की कुल सीटों के मुकाबले करीब 98 प्रतिशत नामांकन का लक्ष्य हासिल किया गया है।

वहीं, 11 सरकारी पॉलिटेक्निक संस्थानों के 20 विषयों को नेशनल बोर्ड ऑफ एक्रेडिटेशन (NBA) से मान्यता मिल चुकी है।

32 संस्थानों के 42 पाठ्यक्रमों का NBA मूल्यांकन जारी

विभाग के अनुसार 32 पॉलिटेक्निक संस्थानों में संचालित 42 पाठ्यक्रमों का NBA मूल्यांकन फिलहाल प्रक्रिया में है। इसके जरिए तकनीकी संस्थानों में पढ़ाई की गुणवत्ता और पाठ्यक्रमों की मान्यता को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है।

विद्यार्थियों को देश और विदेश के तकनीकी एवं औद्योगिक माहौल से परिचित कराने के लिए एक्सपोजर विजिट की व्यवस्था भी किए जाने की योजना है।

Google और Microsoft के सहयोग से शिक्षकों को मिलेगा प्रशिक्षण

तकनीकी शिक्षकों की क्षमता बढ़ाने के लिए Google और Microsoft के साथ समझौता करने की तैयारी है। प्रस्तावित सहयोग के तहत शिक्षकों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से संबंधित प्रशिक्षण दिया जाएगा।

Microsoft की मदद से AI आधारित पाठ्यक्रम तैयार करने की भी योजना है। इससे तकनीकी संस्थानों में पढ़ाई के दौरान आधुनिक डिजिटल तकनीकों के इस्तेमाल को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

मुजफ्फरपुर और भागलपुर में नए विश्वविद्यालयों की तैयारी

राज्य में विशेषज्ञता आधारित उच्च शिक्षा के विस्तार के लिए मुजफ्फरपुर और भागलपुर में नए विश्वविद्यालय स्थापित करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई है।

मुजफ्फरपुर में शहीद जुब्बा साहनी आर्किटेक्चरल एवं सिविल विश्वविद्यालय और भागलपुर में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड कंप्यूटर साइंस विश्वविद्यालय की स्थापना की तैयारी है।

इन संस्थानों के जरिए आर्किटेक्चर, सिविल इंजीनियरिंग, एआई और कंप्यूटर साइंस जैसे क्षेत्रों में विशेष शिक्षा के नए अवसर विकसित होने की उम्मीद है।

पूर्णिया, मोतिहारी और जमुई में प्रस्तावित हैं नए तारामंडल

विभाग की ओर से पूर्णिया, मोतिहारी और जमुई में नए तारामंडल बनाने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया है। इसके अलावा रिमोट सेंसिंग, बायोटेक्नोलॉजी, नैनोटेक्नोलॉजी और स्पेस पॉलिसी से जुड़े क्षेत्रों में भी योजनाओं पर काम चल रहा है।

हॉस्टल नहीं तो किराए के मकान में रह सकेंगे छात्र

जिन पॉलिटेक्निक संस्थानों में छात्रावास की पर्याप्त सुविधा उपलब्ध नहीं है, वहां छात्रों के लिए किराए के भवनों में हॉस्टल की व्यवस्था करने की योजना है।

विभाग में यंग प्रोफेशनल्स की नियुक्ति के लिए भी बेल्ट्रान के माध्यम से प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी है। इससे तकनीकी संस्थानों में जरूरी मानव संसाधन उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

मधुबनी पॉलिटेक्निक में 100 फीसदी प्लेसमेंट

तकनीकी शिक्षा के साथ रोजगार पर भी सरकार का विशेष जोर है। बैठक में बताया गया कि मधुबनी पॉलिटेक्निक संस्थान के विद्यार्थियों को शत-प्रतिशत प्लेसमेंट मिला है।

अब इसी तरह अन्य तकनीकी संस्थानों में भी प्लेसमेंट का स्तर बढ़ाने के लिए मिशन मोड में काम करने की तैयारी है। सरकार का लक्ष्य विद्यार्थियों को बेहतर तकनीकी शिक्षा देने के साथ उन्हें देश-विदेश के रोजगार बाजार के लिए तैयार करना है।

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