देवघर: श्रावणी मेले के बीच रविवार को देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। कूपन के जरिए दर्शन की सुविधा रविवार और सोमवार को बंद रहने के कारण मंदिर में जलार्पण के लिए पहुंचने वाले कांवरियों की संख्या काफी बढ़ गयी। सुबह मंदिर का पट खुलने से पहले ही श्रद्धालुओं की कतार बीएड कॉलेज तक पहुंच गयी थी।
परंपरागत पूजा पूरी होने के बाद आम श्रद्धालुओं के लिए जिला प्रशासन की ओर से निर्धारित अरघा के माध्यम से जलार्पण की प्रक्रिया शुरू करायी गयी। जलार्पण तेजी से होने के कारण श्रद्धालुओं को अपेक्षाकृत कम समय में बाबा बैद्यनाथ को जल चढ़ाने का अवसर मिला।
सुबह से ही लंबी कतार में खड़े रहे कांवरिया
रविवार को मंदिर के पट खुलने से पहले ही बड़ी संख्या में कांवरिया कतार में पहुंच चुके थे। बीएड कॉलेज तक लगी लंबी लाइन से मेले में श्रद्धालुओं की भीड़ का अंदाजा लगाया जा सकता था।
भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने मंदिर क्षेत्र में प्रवेश और निकास व्यवस्था पर विशेष निगरानी रखी। कांवरियों को निर्धारित मार्ग से कतारबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया गया, ताकि व्यवस्था बनी रहे और श्रद्धालुओं को अनावश्यक परेशानी न हो।
परंपरागत पूजा के बाद आम श्रद्धालुओं के लिए खुला अरघा
बाबा बैद्यनाथ मंदिर में परंपरागत पूजा पुजारी सोना धारी झा ने संपन्न करायी। पूजा समाप्त होने के बाद आम कांवरियों के लिए जिला अरघा से जलार्पण की प्रक्रिया शुरू हुई।
जलार्पण की गति तेज रखे जाने से श्रद्धालुओं की कतार को आगे बढ़ाने में मदद मिली। इसके साथ ही मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में भीड़ की स्थिति पर प्रशासनिक अधिकारियों की नजर बनी रही।
जलसार चिल्ड्रन पार्क से प्रवेश की व्यवस्था
श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने के बाद भीड़ को व्यवस्थित करने के लिए प्रशासन ने सुबह करीब 10 बजे से जलसार चिल्ड्रन पार्क की ओर से कांवरियों के प्रवेश की व्यवस्था शुरू की। इस व्यवस्था का उद्देश्य श्रद्धालुओं की भीड़ को अलग-अलग स्तर पर नियंत्रित करते हुए मंदिर की ओर भेजना था।
प्रशासन की टीम लगातार भीड़ की स्थिति का आकलन कर रही है। अधिकारियों का प्रयास है कि कांवरियों को व्यवस्थित कतार के जरिए मंदिर तक पहुंचाया जाए और जलार्पण के दौरान व्यवस्था सुचारु बनी रहे।
सोमवारी से पहले बढ़ी प्रशासन की चुनौती
श्रावणी मेले में देश के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालु देवघर पहुंच रहे हैं। रविवार और सोमवार को कूपन दर्शन बंद रहने के कारण मंदिर में सामान्य जलार्पण व्यवस्था के दौरान भीड़ का दबाव और बढ़ने की संभावना है।
इसी को देखते हुए प्रशासन प्रवेश मार्ग, कतार और जलार्पण व्यवस्था पर लगातार नजर रख रहा है। सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के साथ श्रद्धालुओं को सुगम तरीके से दर्शन कराने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
खबर की 5 बड़ी बातें
- रविवार और सोमवार को कूपन के जरिए दर्शन की सुविधा बंद रखी गयी है।
- रविवार सुबह मंदिर खुलने से पहले कांवरियों की कतार बीएड कॉलेज तक पहुंच गयी।
- परंपरागत पूजा के बाद जिला अरघा के माध्यम से आम श्रद्धालुओं का जलार्पण शुरू कराया गया।
- भीड़ को नियंत्रित करने के लिए सुबह 10 बजे से जलसार चिल्ड्रन पार्क की ओर से प्रवेश व्यवस्था शुरू की गयी।
- प्रशासन लगातार भीड़ की स्थिति और जलार्पण व्यवस्था की निगरानी कर रहा है।
