देवघर: देश दुनिया में बाबा नगरी के नाम से प्रख्यात देवघर अपने ज्योतिर्लिंग के लिए तो जाना ही जाता है लेकिन यहां पर सदियों से रह रहे पंडा समाज भी काफी प्रख्यात हैं. क्योंकि अध्यात्म के अनुसार यह माना जाता है कि यहां का पंडा समाज ही भगवान भोले की सेवा करते हैं.
आज ये बाबा बैद्यनाथ धाम के पंडा समाज काफी नाराज हैं. अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए गुरुवार को पंडा समाज ने मंदिर परिसर में एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया. धरना प्रदर्शन कर रहे पुरोहितों ने कहा कि मंदिर प्रबंधन द्वारा की जा रही कार्रवाई स्थानीय पुरोहितों के खिलाफ है. एक तरफ मंदिर में काम कर रहे दुकानदारों को अवैध बताकर उन्हें बाहर किया दिया. वहीं दूसरी ओर बाहर से आए लोगों को वीआईपी बताकर उन्हें पीछे के दरवाजे से पूजा करने का काम करती है.
इस धरना प्रदर्शन पर बैठे नाराज पुरोहितों ने मंदिर प्रबंधन पर आरोप लगाते हुए कहा कि प्राचीन काल की बात छोड़ दें तो पिछले 500 वर्ष से ज्यादा समय से देवघर के बाबा मंदिर में पंडा समाज का इतिहास है. यहां के पंडा मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं के भरोसे ही अपना जीवन यापन करते हैं. कोई फोटोग्राफी करता है तो कोई जजमानों का संकल्प कराता है. पुरोहितों की पीढ़ी दर पीढ़ी मंदिर और जजमानों की सेवा में ही लगे हुए हैं.
ऐसे में अगर यहां का प्रशासन पंडा समाज को ही मंदिर में प्रवेश करने पर नियंत्रण लगा देगी तो इससे सिर्फ पंडा ही नहीं बल्कि उनका पूरा परिवार प्रभावित होगा. इसको लेकर पंडा धर्म रक्षिणी सभा की तरफ से एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया गया है और मांगें रखी गयीं. जिसमें कहा गया कि मंदिर प्रबंधन और जिला प्रशासन अपनी कार्यशैली में सुधार लाएं ताकि मंदिर के भरोसे जीवन यापन करने वाले पुरोहित समाज को किसी तरह के कोई परेशानी का सामना न करना पड़े.


