26 अक्टूबर 2026 | BHARATSUPERFASTNEWS
रांची: झारखंड में रेलवे कनेक्टिविटी और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए बड़े पैमाने पर काम किया जा रहा है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार, राज्य में लगभग 75,000 करोड़ रुपये की लागत वाली रेलवे परियोजनाएं प्रगति पर हैं। इसके अलावा, अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत झारखंड के 57 रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा रहा है।
रेल मंत्री ने जयपुर के खातीपुरा से टाटानगर होते हुए संतरागाछी तक चलने वाली एक्सप्रेस ट्रेन के शुभारंभ के अवसर पर रेलवे विकास से जुड़े आंकड़े साझा किए। उन्होंने राज्य में रेलवे के बजट आवंटन में हुई बढ़ोतरी और विभिन्न स्टेशनों के आधुनिकीकरण का भी उल्लेख किया।
झारखंड के रेलवे बजट में करीब 16 गुना बढ़ोतरी
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि झारखंड के लिए रेलवे का बजट आवंटन पहले लगभग 450 करोड़ रुपये था, जिसे बढ़ाकर अब 7,500 करोड़ रुपये कर दिया गया है।
उनके अनुसार, यह वृद्धि पहले के आवंटन की तुलना में लगभग 16 गुना है। बढ़े हुए बजट के जरिए राज्य में रेल नेटवर्क के विस्तार और बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने पर काम किया जा रहा है।
57 रेलवे स्टेशनों का हो रहा पुनर्विकास
झारखंड के 57 रेलवे स्टेशनों को अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत विकसित किया जा रहा है। इस योजना का उद्देश्य स्टेशनों पर यात्रियों की सुविधाओं और बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाना है।
रेल मंत्री के अनुसार, गोड्डा, गोविंदपुर रोड, लोहरदगा, मधुपुर और मुरी समेत कई स्टेशनों पर आधुनिकीकरण का काम पूरा हो चुका है।
स्टेशनों के पुनर्विकास से यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और रेलवे परिसरों को अधिक व्यवस्थित बनाने में मदद मिल सकती है।
75 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाओं पर काम जारी
रेल मंत्री के मुताबिक, झारखंड में लगभग 75,000 करोड़ रुपये की लागत वाली विभिन्न रेलवे परियोजनाएं फिलहाल प्रगति पर हैं। इन परियोजनाओं के जरिए राज्य में रेल संपर्क और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में काम किया जा रहा है।
रेलवे नेटवर्क के विस्तार से राज्य के अलग-अलग क्षेत्रों के बीच संपर्क बेहतर बनाने और यात्रियों की आवाजाही को सुविधाजनक करने की उम्मीद है।
नई ट्रेन से पांच राज्यों के बीच कनेक्टिविटी को मिलेगा बढ़ावा
जयपुर (खातीपुरा)–टाटानगर–संतरागाछी एक्सप्रेस ट्रेन के शुभारंभ के दौरान रेल मंत्री ने विभिन्न राज्यों के बीच रेल संपर्क मजबूत करने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि यह ट्रेन राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल के बीच संपर्क को बेहतर बनाने में मदद करेगी। इससे यात्रियों के साथ-साथ व्यापारियों, विद्यार्थियों और दूसरे राज्यों में काम करने वाले लोगों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है।
बेहतर रेल कनेक्टिविटी से व्यापार, शिक्षा और रोजगार से जुड़े अवसरों तक पहुंच आसान हो सकती है।
झारखंड के रेल विकास पर रहेगी नजर
रेलवे परियोजनाओं पर हो रहा निवेश, स्टेशन पुनर्विकास और नई ट्रेन सेवाएं राज्य के रेल बुनियादी ढांचे के विकास से जुड़े महत्वपूर्ण पहलू हैं। हालांकि, इन योजनाओं का वास्तविक लाभ परियोजनाओं के समय पर पूरा होने और यात्रियों को मिलने वाली सुविधाओं पर निर्भर करेगा।
फिलहाल, रेल मंत्री की ओर से साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, झारखंड में रेलवे विकास से जुड़े कई कार्य जारी हैं और 57 स्टेशनों के पुनर्विकास पर भी काम किया जा रहा है।
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