रांची, 15 अक्टूबर 2026: झारखंड के पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के तहत संचालित केंद्र प्रायोजित योजनाओं के करीब 65.71 करोड़ रुपये के बिल ट्रेजरी में लंबित हैं। रिपोर्ट के अनुसार, तकनीकी समस्याओं के कारण भुगतान की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है। इन योजनाओं में सिंगल विलेज स्कीम (SVS) और क्लस्टर आधारित पेयजलापूर्ति योजनाएं शामिल हैं।
223.22 करोड़ रुपये का आवंटन, 153.46 करोड़ का भुगतान
विभाग की केंद्र प्रायोजित योजनाओं के लिए SNA-SPARSH के तहत कुल 223.22 करोड़ रुपये का आवंटन उपलब्ध है। इसके मुकाबले पेयजल विभाग के 32 कार्य प्रमंडलों से 219.17 करोड़ रुपये के बिल तैयार किए गए।
इनमें से अब तक 153.46 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। वहीं, कार्य प्रमंडल स्तर पर 4.05 करोड़ रुपये के बिल लंबित हैं। इसके अतिरिक्त, तकनीकी कारणों से ट्रेजरी में 65.71 करोड़ रुपये का भुगतान अटका हुआ है।
SVS और क्लस्टर योजनाओं से जुड़े हैं बिल
लंबित भुगतान का संबंध मुख्य रूप से दो तरह की पेयजल योजनाओं से है।
सिंगल विलेज स्कीम (SVS): इस योजना के तहत किसी एक गांव की घरेलू पेयजल जरूरतों को पूरा करने के लिए व्यवस्था की जाती है।
क्लस्टर योजना: इसके तहत कई गांवों को शामिल करते हुए एक साझा पेयजलापूर्ति योजना तैयार की जाती है। इसके माध्यम से संबंधित गांवों तक पानी पहुंचाया जाता है।
किन कार्य प्रमंडलों के कितने रुपये अटके?
ट्रेजरी में लंबित बिलों का प्रमंडलवार विवरण इस प्रकार है:
| कार्य प्रमंडल | लंबित बिल (करोड़ रुपये में) |
|---|---|
| चतरा | 4.13 |
| देवघर | 1.16 |
| दुमका-1 | 0.07 |
| दुमका-2 | 0.47 |
| गिरिडीह-1 | 0.25 |
| गिरिडीह-2 | 17.00 |
| हजारीबाग | 12.19 |
| जामताड़ा | 1.72 |
| झुमरी तिलैया | 0.33 |
| लातेहार | 0.09 |
| लोहरदगा | 4.50 |
| मेदिनीनगर | 19.12 |
| रांची वेस्ट | 2.06 |
| रांची ईस्ट | 10.80 |
| सरायकेला | 0.36 |
| चक्रधरपुर | 1.04 |
भुगतान प्रक्रिया पर नजर
केंद्र प्रायोजित पेयजल योजनाओं के लिए आवंटन उपलब्ध होने के बावजूद बड़ी राशि का ट्रेजरी में लंबित रहना भुगतान प्रक्रिया से जुड़ी तकनीकी समस्या की ओर संकेत करता है। हालांकि, उपलब्ध रिपोर्ट में तकनीकी अड़चन के विस्तृत कारण और भुगतान पूरा होने की संभावित समय-सीमा का उल्लेख नहीं है।
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