रांची, 15 अक्टूबर 2026: राष्ट्रीय विज्ञान प्रतियोगिता में झारखंड के विद्यार्थियों ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। 12वीं राष्ट्रीय प्रदर्शनी एवं परियोजना प्रतियोगिता में झारखंड ने पहली बार देश के शीर्ष तीन राज्यों में जगह बनाते हुए रजत पदक अपने नाम किया। रामगढ़ स्थित आर्मी स्कूल के छात्र पूरव जैन ने अपनी नवाचारी परियोजना के दम पर यह सफलता हासिल की। वहीं, चतरा जिले के गिद्धौर स्थित गंगा स्मारक उच्च विद्यालय के छात्र दीपक कुमार को भी राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष 60 पुरस्कार विजेताओं में स्थान मिला।
बिजली की खपत पर नजर रखने के लिए पूरव का नवाचार
पूरव जैन ने बिजली की खपत पर नजर रखने के उद्देश्य से एक अभिनव उपकरण की अवधारणा प्रस्तुत की। उनकी परियोजना को बीआईटी मेसरा में आयोजित मेंटरशिप कार्यक्रम के दौरान वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों की टीम ने और बेहतर बनाने में मदद की।
राष्ट्रीय स्तर पर इस परियोजना को मिली पहचान से झारखंड के शैक्षणिक और वैज्ञानिक नवाचार क्षेत्र को नई उपलब्धि मिली है।
दीपक कुमार ने पेश किया स्मार्ट बोरवेल पाइप कटर
चतरा जिले के गिद्धौर स्थित गंगा स्मारक उच्च विद्यालय के छात्र दीपक कुमार ने ‘स्मार्ट बोरवेल पाइप कटर’ से संबंधित अपना नवाचार प्रस्तुत किया। उनके प्रोजेक्ट को भी राष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली और वे शीर्ष 60 पुरस्कार विजेताओं में शामिल हुए।
भारत मंडपम में हुआ सम्मान समारोह
नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित सम्मान समारोह में केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने विजेताओं को पुरस्कृत किया। पूरव जैन को रजत पदक के साथ प्रमाण पत्र, स्मृति चिह्न और लैपटॉप प्रदान किया गया।
इस उपलब्धि पर माध्यमिक शिक्षा निदेशक राजेश प्रसाद और इंस्पायर अवॉर्ड मानक की राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी नीलम आईलीन टोप्पो ने दोनों विद्यार्थियों को बधाई दी। उन्होंने घोषणा की कि राज्य स्तर पर भी विजेताओं को सम्मानित किया जाएगा।
झारखंड की टीम भी रही मौजूद
नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में झारखंड की टीम के साथ सहायक राज्य नोडल पदाधिकारी डॉ. शाहनवाज कुरैशी, डॉ. नूतन कुमारी सिन्हा, राम कुमार दास, मनु कुमारी, अभिषेक राज और दिनकर स्वराज भी शामिल रहे।
राष्ट्रीय मंच पर पूरव जैन और दीपक कुमार की उपलब्धि से राज्य के विद्यार्थियों में विज्ञान, तकनीक और नवाचार के प्रति रुचि को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।
BHARATSUPERFASTNEWS
