रांची, 15 अक्टूबर 2026: झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य के सभी पुलिस थानों में CCTV कैमरे लगाने की प्रक्रिया को लेकर राज्य सरकार से प्रगति रिपोर्ट मांगी है। सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से बताया गया कि कैमरे लगाने के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अदालत ने मामले में अगली सुनवाई के लिए 4 नवंबर की तारीख निर्धारित की है और पुलिस महानिदेशक (DGP) को उस दिन सशरीर उपस्थित रहने का निर्देश दिया है।
यह मामला पुलिस हिरासत में झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के पूर्व प्रत्याशी तरुण महतो के साथ कथित मारपीट से जुड़ा है। मामले में उनकी पत्नी की ओर से शिकायत किए जाने के बाद हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया था।
29 अक्टूबर तक टेंडर आवेदन, 30 नवंबर को खुलेगी बिड
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता रोहित राय ने अदालत को बताया कि पुलिस थानों में CCTV कैमरे लगाने के लिए निविदा प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
सरकार के अनुसार, निविदादाताओं को 29 अक्टूबर 2026 तक आवेदन जमा करना है, जबकि 30 नवंबर 2026 को टेंडर की बिड खोली जाएगी। इसके बाद राज्य सरकार टेंडर की प्रगति से संबंधित जवाब अदालत में दाखिल करेगी।
अदालत ने मामले में आगे की प्रक्रिया पर नजर रखते हुए सरकार से प्रगति की जानकारी देने को कहा है।
4 नवंबर को DGP को सशरीर उपस्थित रहने का निर्देश
सुनवाई के दौरान पुलिस महानिदेशक की ओर से व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होने से छूट देने का आवेदन दिया गया था। अदालत ने इस आवेदन को स्वीकार करते हुए निर्देश दिया कि अगली सुनवाई, यानी 4 नवंबर को, DGP को सशरीर उपस्थित रहना होगा।
मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश एमएस सोनक और न्यायमूर्ति मनोज प्रसाद की खंडपीठ ने की। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता रितेश कुमार महतो ने पक्ष रखा।
तरुण महतो की पुलिस हिरासत में कथित पिटाई से जुड़ा मामला
यह मामला इचागढ़ के पूर्व प्रत्याशी तरुण महतो के साथ पुलिस हिरासत में कथित मारपीट से संबंधित है। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, 19 नवंबर 2025 की रात इचागढ़ पुलिस उन्हें थाने ले गई थी, जहां उनके साथ कथित तौर पर मारपीट और प्रताड़ना की गई।
घटना के बाद तरुण महतो की पत्नी ने हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर मामले की जानकारी दी थी। इसके बाद अदालत ने स्वतः संज्ञान लेते हुए सुनवाई शुरू की। इससे पहले की सुनवाई में सरायकेला के पुलिस अधीक्षक को संबंधित दस्तावेजों के साथ अदालत में उपस्थित होने के लिए कहा गया था।
पुलिस थानों में CCTV निगरानी पर अदालत की नजर
पुलिस थानों में CCTV कैमरे लगाए जाने का मुद्दा हिरासत में होने वाली घटनाओं की निगरानी और जवाबदेही से जुड़ा है। मौजूदा मामले में अदालत ने सरकार से टेंडर प्रक्रिया की स्थिति स्पष्ट करने को कहा है।
अब अगली सुनवाई में सरकार की ओर से टेंडर की प्रगति और अन्य संबंधित जानकारी पेश किए जाने की उम्मीद है। मामले में आगे क्या निर्देश दिए जाते हैं, इस पर 4 नवंबर की सुनवाई महत्वपूर्ण होगी।
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