Saturday, October 17, 2026

झारखंड के आठ अंगीभूत कॉलेज बनेंगे स्टेट ऑफ द आर्ट, डिजिटल क्लासरूम और आधुनिक लैब पर जोर.

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रांची, 16 अक्टूबर 2026: झारखंड सरकार राज्य में उच्च शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर बनाने के लिए आठ अंगीभूत कॉलेजों को अत्याधुनिक शिक्षण संस्थानों के रूप में विकसित करने की योजना बना रही है। इन कॉलेजों में आधुनिक आधारभूत संरचना, डिजिटल क्लासरूम, उन्नत प्रयोगशालाएं और शोध सुविधाएं विकसित करने पर जोर दिया जाएगा।

इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक माहौल उपलब्ध कराना और उन्हें आधुनिक तकनीकी तथा औद्योगिक जरूरतों के अनुरूप तैयार करना है।

इन आठ कॉलेजों को किया गया है शामिल

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, योजना में विभिन्न विश्वविद्यालयों से संबद्ध निम्नलिखित कॉलेजों को शामिल किया गया है:

  • रांची विश्वविद्यालय: बिरसा कॉलेज, खूंटी
  • कोल्हान विश्वविद्यालय: बहरागोड़ा कॉलेज और जमशेदपुर को-ऑपरेटिव कॉलेज
  • सिदो-कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय: देवघर कॉलेज और एसपी कॉलेज, दुमका
  • विनोबा भावे विश्वविद्यालय: रामगढ़ कॉलेज, रामगढ़
  • गिरिडीह क्षेत्र: जे.जे. कॉलेज, झुमरी तिलैया और आर.के. महिला कॉलेज, गिरिडीह

इन संस्थानों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने की योजना के तहत कॉलेज परिसरों के विकास और शैक्षणिक संसाधनों को बेहतर बनाने पर ध्यान दिया जाएगा।

ग्रीन कैंपस और डिजिटल शिक्षा पर जोर

योजना के तहत कॉलेजों में पर्यावरण अनुकूल परिसर विकसित करने, ऊर्जा की खपत कम करने और आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाने की परिकल्पना की गई है।

प्रस्तावित सुविधाओं में शामिल हैं:

  • आधुनिक डिजिटल क्लासरूम
  • उन्नत प्रयोगशालाएं और शोध केंद्र
  • ऊर्जा-कुशल भवन
  • ग्रीन कैंपस और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी सुविधाएं
  • बेहतर शैक्षणिक संसाधन और अध्ययन का आधुनिक माहौल

इन सुविधाओं से विद्यार्थियों को पढ़ाई और शोध के बेहतर अवसर मिलने की उम्मीद है। साथ ही, रोजगार से जुड़ी क्षमताओं को मजबूत करने में भी मदद मिल सकती है।

17 सरकारी पॉलिटेक्निक संस्थानों के विकास की भी योजना

अंगीभूत कॉलेजों की योजना से पहले झारखंड सरकार ने 17 सरकारी पॉलिटेक्निक संस्थानों को भी आधुनिक सुविधाओं से विकसित करने की घोषणा की थी। सूची में रांची, खूंटी, निरसा, जगन्नाथपुर, आदित्यपुर, भागा, सिमडेगा, कोडरमा, खरसावां, दुमका, साहिबगंज, धनबाद और लातेहार के संस्थानों के साथ महिला पॉलिटेक्निक कॉलेज भी शामिल बताए गए हैं।

उपलब्ध विवरण के अनुसार, प्रत्येक पॉलिटेक्निक संस्थान के विकास के लिए लगभग 55 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं।

पॉलिटेक्निक कॉलेजों में भी विकसित होंगी आधुनिक सुविधाएं

पॉलिटेक्निक संस्थानों के विकास की योजना में प्रशासनिक और शैक्षणिक भवनों के अलावा छात्रावास, आवासीय परिसर, आधुनिक पुस्तकालय, 500 लोगों की क्षमता वाला सभागार, स्टूडेंट रिसोर्स सेंटर और खेलकूद की सुविधाएं शामिल हैं।

इसके साथ ही ग्रीन एरिया और वर्षा जल संचयन जैसी व्यवस्थाएं विकसित करने पर भी जोर दिया जा रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, रांची पॉलिटेक्निक समेत कुछ संस्थानों में भवन निर्माण का काम शुरू हो चुका है।

उच्च शिक्षा को बेहतर बनाने की कोशिश

कॉलेजों और पॉलिटेक्निक संस्थानों का आधुनिकीकरण झारखंड में उच्च शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हो सकता है। हालांकि, विद्यार्थियों को इसका वास्तविक लाभ निर्माण कार्य पूरा होने, शिक्षकों और तकनीकी कर्मचारियों की उपलब्धता तथा सुविधाओं के प्रभावी संचालन के बाद ही मिलेगा।

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