अमरावती: आंध्र प्रदेश में औद्योगिक विकास को गति देने के लिए 60 कंपनियों और संगठनों के साथ समझौता ज्ञापनों (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इन समझौतों के तहत राज्य में ₹42,947.74 करोड़ के निवेश प्रस्ताव सामने आए हैं। इनके जरिए करीब 56,653 रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना जताई गई है।
इन निवेश समझौतों की घोषणा अमरावती स्थित एसआरएम यूनिवर्सिटी में आयोजित रीजनल कॉन्फ्रेंस के दौरान की गई। यह आयोजन विशाखापट्टनम में प्रस्तावित ग्लोबल पार्टनरशिप समिट से पहले राज्य में निवेश को बढ़ावा देने की पहल का हिस्सा है।
तीन सम्मेलनों में निवेश प्रस्ताव ₹68,702 करोड़ से अधिक
आंध्र प्रदेश में विशाखापट्टनम और काकीनाडा में आयोजित सम्मेलनों के बाद अमरावती रीजनल कॉन्फ्रेंस में भी कई निवेश प्रस्ताव सामने आए हैं।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इन तीनों सम्मेलनों को मिलाकर समझौता ज्ञापनों की कुल संख्या 106 हो गई है। इनके माध्यम से कुल ₹68,702.35 करोड़ के निवेश प्रस्तावों की जानकारी दी गई है।
हालांकि, ये आंकड़े निवेश समझौतों और प्रस्तावों से संबंधित हैं। वास्तविक निवेश, परियोजनाओं की शुरुआत और रोजगार सृजन की स्थिति उनके क्रियान्वयन पर निर्भर करेगी।
अमरावती इकोनॉमिक रीजन के लिए 41 समझौते
सम्मेलन में क्षेत्रीय विकास पर भी जोर दिया गया। कुल 60 समझौतों में से 41 अमरावती इकोनॉमिक रीजन से जुड़े जिलों के लिए किए गए हैं। इनमें एनटीआर, कृष्णा, गुंटूर, पलनाडु, बापटला, प्रकाशम और मरकापुरम शामिल हैं।
बाकी 19 समझौते राज्य के अन्य नौ जिलों से संबंधित बताए गए हैं। सरकार की इस पहल का उद्देश्य विभिन्न क्षेत्रों में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देना और रोजगार के नए अवसर विकसित करना है।
ग्रेटा ग्रुप और हायर समेत कंपनियों के बड़े निवेश प्रस्ताव
सम्मेलन में कई कंपनियों ने अलग-अलग क्षेत्रों में निवेश की योजनाएं सामने रखीं। इनमें प्रमुख प्रस्ताव इस प्रकार हैं:
- ग्रेटा ग्रुप सिंगापुर: प्रकाशम जिले में ₹10,500 करोड़ के निवेश से खनिज, रसायन और रीसाइक्लिंग से संबंधित परियोजनाएं स्थापित करने का प्रस्ताव है। इससे लगभग 2,750 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना बताई गई है।
- हायर एप्लायंसेज: तिरुपति जिले में ₹7,000 करोड़ के निवेश का प्रस्ताव सामने आया है।
- कार्बन कॉस्मो एडवांस्ड मैटेरियल्स: कंपनी तिरुपति जिले में उन्नत सामग्री निर्माण इकाई के लिए ₹4,000 करोड़ निवेश करने की योजना से जुड़ी है।
- आईटीसी एग्री-बिजनेस: खबर के अनुसार, कंपनी राज्य में पहले ही ₹900 करोड़ का निवेश कर चुकी है और सरकार के साथ अपनी साझेदारी आगे बढ़ाने की इच्छुक है।
इन प्रस्तावों के क्रियान्वयन से विनिर्माण और संबंधित उद्योगों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
गुंटूर में गोल्ड ज्वेलरी और औद्योगिक पार्क की योजना
गुंटूर जिले में तीन परियोजनाओं के जरिए औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ाने की योजना सामने आई है। खबर के मुताबिक, इन परियोजनाओं से कुल 12,000 से अधिक रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है।
प्रमुख प्रस्तावों में शामिल हैं:
- इंटरनेशनल डेवलपमेंट फाइनेंस एंड इन्वेस्टमेंट कॉरपोरेशन: गोल्ड ज्वेलरी औद्योगिक पार्क विकसित करने के लिए ₹3,000 करोड़ के निवेश का प्रस्ताव।
- प्रगति ग्रुप: औद्योगिक पार्क के विकास के लिए ₹2,500 करोड़ का प्रस्तावित निवेश।
- मानेपल्ली ज्वेलरी: आभूषण निर्माण क्षेत्र में ₹700 करोड़ निवेश की योजना।
यदि ये परियोजनाएं निर्धारित योजना के अनुसार आगे बढ़ती हैं, तो क्षेत्र में आभूषण निर्माण और उससे जुड़े व्यवसायों को लाभ मिल सकता है।
पर्यटन क्षेत्र में ₹2,518 करोड़ के निवेश प्रस्ताव
आंध्र प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भी निवेश समझौते किए गए हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस क्षेत्र में 11 MoU पर हस्ताक्षर हुए हैं, जिनका कुल प्रस्तावित मूल्य ₹2,518.34 करोड़ है।
इसके अतिरिक्त, आंध्र प्रदेश राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण (APCRDA) के दायरे में 19 समझौतों के तहत ₹7,610 करोड़ के निवेश और 13,331 रोजगार अवसरों का अनुमान बताया गया है।
इन परियोजनाओं का उद्देश्य पर्यटन, बुनियादी ढांचे और आर्थिक गतिविधियों के विस्तार को बढ़ावा देना है।
अमरावती में 46 परियोजनाओं पर काम जारी होने का दावा
सम्मेलन के दौरान राज्य के अधिकारियों ने अमरावती आर्थिक क्षेत्र के विकास से जुड़ी योजनाओं की जानकारी दी।
युवा सेवा, पर्यटन और संस्कृति विभाग के विशेष मुख्य सचिव एस.एस. रावत के अनुसार, अमरावती आर्थिक क्षेत्र में 46 परियोजनाओं पर काम चल रहा है। उन्होंने मछलीपट्टनम पोर्ट को क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों के लिए महत्वपूर्ण बताया। खबर में यह भी कहा गया है कि भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (BPCL) प्रकाशम जिले में एक बड़ी तेल रिफाइनरी स्थापित कर रहा है।
नगर प्रशासन विभाग के प्रधान सचिव सुरेश कुमार ने अमरावती को हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर से जोड़ने की योजना का उल्लेख किया। उनके अनुसार, इसके लिए एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार है।
वहीं, उद्योग विभाग के सचिव युवराज ने बताया कि इस क्षेत्र में शिपबिल्डिंग और फूड प्रोसेसिंग क्लस्टर विकसित करने की योजनाएं भी आगे बढ़ाई जा रही हैं।
निवेश और रोजगार के प्रस्तावों पर टिकी नजरें
CII आंध्र प्रदेश के अध्यक्ष एस. नरेंद्र कुमार और पाई डेटा सेंटर्स के सीईओ कल्याण मुप्पनेनी ने राज्य की प्राकृतिक संपदा, बुनियादी ढांचे और नीतिगत व्यवस्था को निवेश के लिए महत्वपूर्ण बताया।
कुल मिलाकर, 60 समझौतों के तहत घोषित ₹42,947.74 करोड़ के निवेश प्रस्ताव आंध्र प्रदेश में उद्योगों के विस्तार की योजना को दर्शाते हैं। हालांकि, 56,653 रोजगार अवसरों का अनुमान वास्तविक नौकरियों की गारंटी नहीं है। इसका अंतिम असर इस बात पर निर्भर करेगा कि प्रस्तावित परियोजनाएं कब शुरू होती हैं और कितनी क्षमता के साथ संचालित होती हैं।
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