रांची: JPSC-JSSC परीक्षाओं को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच सोमवार को भाजपा का एक प्रतिनिधिमंडल राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार से मिला। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष आदित्य साहू के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी और संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह भी शामिल रहे।
बैठक में भाजपा नेताओं ने छात्र आंदोलन से बने हालात के साथ-साथ राज्य के अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर राज्यपाल से चर्चा की। प्रतिनिधिमंडल ने छात्रों की मांगों पर सरकार से ठोस पहल कराने के लिए राज्यपाल से हस्तक्षेप करने का आग्रह किया।
छात्रों की स्थिति का मुद्दा उठाया
भाजपा नेताओं के मुताबिक, बड़ी संख्या में छात्र करीब 24 दिनों से रांची में अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। नेताओं ने दावा किया कि कुछ आंदोलनकारी छात्रों की तबीयत आमरण अनशन के कारण बिगड़ी है और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है।
प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया कि सरकार और छात्रों के बीच हुई बातचीत के बावजूद आंदोलन का समाधान नहीं निकल पाया है। भाजपा नेताओं ने राज्यपाल से छात्रों की मांगों पर सरकार को आवश्यक कदम उठाने के लिए पहल करने का अनुरोध किया।
राज्यपाल ने प्रतिनिधिमंडल को बताया कि वे पूरे घटनाक्रम और मौजूदा परिस्थितियों पर नजर बनाए हुए हैं।
किन मांगों को लेकर जारी है आंदोलन?
आंदोलन कर रहे छात्र JPSC और JSSC से जुड़ी कुछ परीक्षाओं की CBI जांच की मांग कर रहे हैं। उनकी प्रमुख मांगों में 14वीं JPSC सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा को रद्द करना और JSSC-CGL परीक्षा को लेकर जांच कराना शामिल है।
छात्रों का कहना है कि परीक्षा प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच जरूरी है।
सरकार पहले ही कुछ परीक्षाएं रद्द करने का ऐलान कर चुकी
छात्रों के आंदोलन के बीच राज्य सरकार ने 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा के अलावा बैकलॉग 2023 और 2025 से संबंधित परीक्षाओं को रद्द करने की घोषणा की है। सरकार की ओर से मामलों की CID जांच का हवाला देते हुए छात्रों से उस जांच पर भरोसा करने की अपील भी की गई है।
हालांकि, प्रदर्शनकारी छात्र CBI जांच की मांग पर कायम हैं।
20 अगस्त को सीएम आवास घेराव का ऐलान
आंदोलनरत छात्रों ने अपनी मांगों को लेकर 20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने की घोषणा की है। इसके बाद सरकार के सामने आंदोलन का समाधान निकालने की चुनौती और बढ़ गई है।
अब सभी की नजर सरकार और छात्रों के बीच आगे होने वाली बातचीत तथा आंदोलन को लेकर प्रशासन के अगले कदम पर है।
