गिरिडीह: गोलगप्पा खाने से एक बच्चे की मौत और करीब 48 लोगों के बीमार होने पर गांडेय विधायक कल्पना सोरेन गिरिडीह पहुंची. यहां सदर अस्पताल में भर्ती बच्चों एवं उनके अभिभावकों से उन्होंने मुलाकात की. जिस बच्चे की मौत फूड प्वाइजनिंग की वजह से हुई थी, उसके परिजनों से भी विधायक कल्पना सोरेन ने मुलाकात की.
विधायक कल्पना सोरेन ने लिया स्थिति का जायजा
विधायक कल्पना सोरेन ने मौके पर मौजूद सिविल सर्जन डॉ. बीपी सिंह से भी मरीजों की स्थिति के बारे में जानकारी ली. सिविल सर्जन को कल्पना सोरेन ने कई तरह के निर्देश भी दिए. अस्पताल में मौजूद बीमार बच्चों के अभिभावकों एवं ग्रामीणों से बात करते हुए विधायक कल्पना सोरेन ने कहा कि घटना की जानकारी मिलते ही मैंने जिला अधिकारी से बात की थी और कहा था कि किसी के भी इलाज में कोई कोताही बर्दाश्त नहीं होगी. इस दौरान जेएमएम जिलाध्यक्ष संजय सिंह समेत कई लोग मौजूद रहे.
गोलगप्पा खाने से एक की मौत
बता दें कि शनिवार को ओभीलाल रजक गोलगप्पा और चाट का ठेला लेकर सदर प्रखंड के सलैयापहरी, बेरदोंगा, ललकीटांड, कुम्हरगढ़िया, बजटो गया समेत दूसरे गांवों में गया था. यहां उसने 500 से अधिक गोलगप्पे के साथ चाट बेची थी. बजटो और कुम्हरगढ़िया गांव में गोलगप्पे खाने वालों की तबियत दूसरे दिन से बिगड़ने लगी. शाम होते-होते 18 से 20 लोगों को इलाज के लिए सदर अस्पताल लाया गया. हालांकि इनमें से रंजन की मौत हो चुकी है.
घटना के बाद गांव पहुंचा था जिला प्रशासन
घटना की जानकारी पर डीसी रामनिवास यादव, एसडीएम श्रीकांत विस्पुते, सिविल सर्जन डॉ. बीपी सिंह, एसडीपीओ जीतबाहन उरांव, बीडीओ गणेश रजक के साथ मुफ्फसिल थाना प्रभारी श्याम किशोर महतो भी अस्पताल पहुंचे. यहां के बाद डीसी अपने साथ एसडीएम और एसडीपीओ को लेकर सीधे गांव गए. उन्होंने इश दौरान गांव में एक-एक मरीज से बात की. यहां उन्हें पता चला कि बीमार 42 लोग हुए थे. सभी को अस्पताल लाया गया. रात में ही मृतक बालक का पोस्टमार्टम करवाया गया और दूसरे दिन खैरोना गांव से भी 7 मरीज को अस्पताल में भर्ती करवाया गया.
हालांकि अभी तक 20 लोगों को छोड़कर सभी को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है. वही इस मामले में कांड दर्ज कर आरोपी गोलगप्पा विक्रेता को जेल भेज दिया गया है.


