केप वर्डे एक ऐसा फुटबॉल देश था जिसे बहुत कम लोग जानते थे, और उनके खिलाड़ियों को तो और भी कम लोग पहचानते थे. हालांकि, केप वर्डे और स्पेन के बीच मैच के बाद, उनके गोलकीपर वोजिन्हा की चर्चा हर तरफ हो रही है. इससे पहले उन्हें सिर्फ पुर्तगाली क्लब फुटबॉल के फैन ही जानते थे. लेकिन अब केप वर्डे के 40 वर्षीय गोलकीपर वोजिन्हा फीफा वर्ल्ड कप 2026 के नए सुपर स्टार बन गए हैं.
स्पेन के खिलाफ शानदार तरीके से सात गोल सेव करने के बाद वोजिन्हा की फैन फॉलोइंग में जबरदस्त बढ़ोतरी देखी गई है. 40 साल के इस खिलाड़ी के इंस्टाग्राम फॉलोअर्स की संख्या 50 हजार से बढ़कर 50 लाख (5 मिलियन) से ज्यादा हो गई. ये सिर्फ एक रात में हुई है. उनके प्रदर्शन ने दुनिया भर के फुटबॉल फैंस का ध्यान खींचा और अब हर घंटे उनके फॉलोअर्स बढ़ रहे हैं.

वोजिन्हा का शानदार प्रदर्शन
केप वर्डे अपना पहला वर्ल्ड कप मैच 2010 की विजेता स्पेन के खिलाफ खेल रहा था. जिससे सब लोग इस मैच को हल्के में ले रहे थे, फैंस को उम्मीद थी स्पेन केप वर्डे के खिलाफ कई गोल करके मैच आसानी से जीत जाएगी. लेकिन उनके डिफेंस और गोलकीपर वोजिन्हा स्पेन के सामने दीवार बनकर डटे रहे. उन्होंने कुल सात बार गेंद को गोल होने से बचाया. जिससे स्पेन एक भी गोल नहीं कर सका और मैच 0-0 से ड्रॉ पर समाप्त हुआ. इसके साथ केप वर्डे वर्ल्ड कप में अपना पहला पॉइंट हासिल करने में सफल हो गया.

40 साल की उम्र में रचा इतिहास
केप वर्डे के लिए यह एक ऐतिहासिक पल था क्योंकि उन्होंने अपना पहला वर्ल्ड कप पॉइंट हासिल किया, लेकिन यह मैच उनके गोलकीपर के लिए और भी ज्यादा ऐतिहासिक था. वह 40 साल की उम्र में वर्ल्ड कप में डेब्यू करने वाले दूसरे सबसे उम्रदराज खिलाड़ी बन गए. उनसे ज्यादा उम्र के केवल मिस्र के पूर्व गोलकीपर एस्साम अल-हदारी थे, जिन्होंने 2018 में 45 साल की उम्र में वर्ल्ड कप में हिस्सा लिया था.

कौन हैं वोजिन्हा?
40 वर्षीय खिलाड़ी का असली नाम जोसिमार जोस एवोरा डायस है और ‘वोजिन्हा’ उनका निकनेम है. वो पुर्तगाल की सेकंड-टियर फुटबॉल लीग में चावेस क्लब के लिए खेलते हैं. उन्होंने अपने देश केप वर्डे में और दूसरे कई देशों में क्लब मैच खेले. उन्होंने केप वर्डे के लिए 90 मैच खेले हैं और वे देश के सबसे प्रभावशाली फुटबॉल खिलाड़ियों में से एक बन गए. वो अभी पुर्तगाली क्लब चावेस के लिए खेल रहे हैं. लगभग 15 साल के अंतरराष्ट्रीय अनुभव के साथ टूर्नामेंट में आए थे. फिर भी, 2012 से केप वर्डे का प्रतिनिधित्व करने के बावजूद, वह कभी भी फुटबॉल के सबसे बड़े मंच पर नहीं खेले थे.


