Wednesday, April 22, 2026

एबीएचएवाई चैटबॉट के जरिए आम लोग आसानी से फर्जी नोटिस की पहचान कर सकेंगे और साइबर ठगी से खुद को सुरक्षित रख पाएंगे.

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 भारत में बढ़ते साइबर क्राइम्स को देखते हुए अब एजेंसियों ने भी कई नई टेक्नोलॉजी को अपनाना शुरू कर दिया है. भारत की कई एजेंसियां टेक्नोलॉजी की मदद से नए समाधान तलाश रही है. इसी दिसा में सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन यानी CBI ने एक खास एआई बेस्ड चैटबॉट लॉन्च किया है, जिसका नाम “ABHAY” है. इसका उद्देश्य आम लोगों को ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाना और फर्ज़ी नोटिस की पहचान करना है.

हाल ही में चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्या कांत ने 22वीं डी.पी. कोहली मेमोरियल लेक्चर के दौरान साइबर क्राइम की बढ़ती चुनौतियों पर चिंता जताई. उन्होंने कहा कि आज के समय में अपराधी तकनीक का गलत इस्तेमाल कर लोगों को निशाना बना रहे हैं, खासकर बुजुर्ग और कमजोर वर्ग के लोग ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ऐसे मामलों में पीड़ित केंद्रित दृष्टिकोण अपनाना बेहद जरूरी है.

अभय बनेगा एक सुरक्षा कवच

ABHAY चैटबॉट इसी जरूरत को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है. यह एक तरह का डिजिटल सहायक है, जो लोगों को यह जांचने में मदद करता है कि उन्हें मिला कोई नोटिस असली है या फर्जी. कई मामलों में देखा गया है कि ठग खुद को CBI अधिकारी बताकर लोगों को मैसेज भेजते हैं और “डिजिटल अरेस्ट” जैसी धमकियों से उन्हें डराकर पैसे ऐंठते हैं. ऐसे में ABHAY एक सुरक्षा कवच की तरह काम करेगा.

इस चैटबॉट की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह तुरंत नोटिस की सत्यता की जांच कर सकता है. इससे लोगों को बार-बार पुलिस या अन्य एजेंसियों के पास जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी. साथ ही, यह लोगों में जागरूकता बढ़ाने और भरोसा कायम करने में भी मदद करेगा.

CJI सूर्या कांत ने सुझाव दिया कि इस तरह की तकनीक को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाने के लिए इसे मोबाइल फोन में पहले से इंस्टॉल किया जा सकता है. इससे हर वर्ग के लोग आसानी से इसका इस्तेमाल कर सकेंगे और साइबर धोखाधड़ी के मामलों में कमी आ सकती है.

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