बहुत से लोगों के लिए स्मार्टफोन में आने वाले नोटिफिकेशन परेशानी का सबब हो सकता है. इसी के चलते इंस्टेंट मैसेजिंग ऐप WhatsApp, जो सबसे ज़्यादा इस्तेमाल होने वाले कम्युनिकेशन प्लेटफ़ॉर्म में से एक है, कथित तौर पर एक नए फ़ीचर पर काम कर रहा है. इस फीचर का उद्देश्य Android यूज़र्स को अपनी चैट्स को बेहतर ढंग से ऑर्गनाइज़ करने और स्पैम को कम करने में मदद करना है.
WABetaInfo से मिली जानकारी के अनुसार, Meta के स्वामित्व वाली कंपनी एक ऐसा फ़ीचर डेवलप कर रही है, जो बिज़नेस चैट्स को अपने-आप एक अलग सेक्शन में व्यवस्थित कर देगा. यह अपडेट बिज़नेस अकाउंट्स के साथ होने वाली बातचीत को एक निश्चित समय के बाद मुख्य इनबॉक्स से बाहर ले जाने के लिए डिज़ाइन किया गया है, जिससे अव्यवस्था और स्पैम कम होगा.
फिलहाल यह फ़ीचर अभी डेवलपमेंट फेस में है, और अभी Beta टेस्टिंग के लिए उपलब्ध नहीं है. उम्मीद है कि इसे भविष्य के किसी अपडेट में जारी किया जाएगा. फीचर अपडेट आने के बाद यह फ़ीचर शायद यूज़र्स को अपने बिज़नेस से जुड़ी बातचीत को ज़्यादा बेहतर तरीके से मैनेज करने में मदद करेगा. यह फीचर बिज़नेस अकाउंट्स के साथ होने वाली सभी बातचीत को अपने-आप फ़िल्टर करके एक अलग लिस्ट में डाल देगा.
यह अपडेट यूज़र्स को बिज़नेस से जुड़े मैसेज से ध्यान भटके बिना पर्सनल चैट पर ज़्यादा फोकस करने की सुविधा देता है. ध्यान देने वाली बात यह है कि यह नया फ़ीचर खास तौर पर उन बिज़नेस चैट को मैनेज करने में मदद करेगा, जो ऑफ़र और अपडेट भेजते हैं. दूसरे शब्दों में कहें तो, सिर्फ़ उन अकाउंट पर इस बदलाव का असर पड़ने की उम्मीद है, जो मैसेजिंग के लिए क्लाउड-बेस्ड ऑटोमेशन पर निर्भर हैं.
इस रिपोर्ट में आने वाले ‘बिज़नेस चैट फ़िल्टरिंग’ फ़ीचर का एक स्क्रीनशॉट भी शेयर किया गया है, जिससे यह अंदाज़ा मिलता है कि यह कैसे काम कर सकता है. इस रिपोर्ट से पता चलता है कि बिज़नेस मैसेज मिलने के 24 घंटे बाद उन्हें अपने-आप एक अलग सेक्शन में भेज दिया जाएगा. यह फ़ीचर उन लोगों के लिए काफी फायदेमंद हो सकता है, जिन्हें अक्सर मार्केटिंग मैसेज मिलते हैं और हर नोटिफिकेशन से परेशानी होती है.
बता दें कि WhatsApp मैसेजिंग ऐप ने हाल ही में कई अपडेट्स जारी किए हैं, जिनमें एक ‘यूज़रनेम’ फ़ीचर भी शामिल है. इस फ़ीचर की मदद से यूज़र्स बिना अपना फ़ोन नंबर शेयर किए भी एक-दूसरे से जुड़ सकेंगे.
इसके बजाय, वे बस अपना यूज़रनेम शेयर कर सकते हैं, जिससे उनकी प्राइवेसी को एक और सेफ्टी मिल जाएगी. WABetaInfo की रिपोर्ट के अनुसार, यह मैसेजिंग प्लेटफ़ॉर्म इस फ़ीचर को बड़े पैमाने पर लॉन्च करने से पहले, शायद अभी इसकी टेस्टिंग और इसमें सुधार कर रहा है.
खबरों से मिली जानकारी के अनुसार, इस मैसेजिंग प्लेटफ़ॉर्म को वॉइस और वीडियो कॉल के लिए एक इन-बिल्ट नॉइज़ कैंसलेशन फ़ीचर की टेस्टिंग करते हुए भी देखा गया है. यह सिस्टम आस-पास की आवाज़ों को पहचानकर और ट्रैफ़िक, हवा या बैकग्राउंड की बातचीत जैसी अवांछित आवाज़ों को स्मार्ट तरीके से फ़िल्टर करके काम करता है.
आसान शब्दों में कहें तो, यह यूजर का आवाज़ पर फ़ोकस करता है और बाकी सभी आवाज़ों को कम कर देता, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि दूसरी तरफ़ मौजूद व्यक्ति आपको साफ़-साफ़ सुन सके, फिर चाहे आस-पास कितना भी शोर क्यों न हो.


