रांची: रांची स्थित राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) में एक गंभीर हृदय रोगी की हाई रिस्क ओपन हार्ट सर्जरी सफलतापूर्वक की गई। हजारीबाग निवासी 55 वर्षीय मरीज का इलाज आयुष्मान भारत योजना के तहत पूरी तरह निःशुल्क किया गया।
मरीज पिछले कई महीनों से लगातार बुखार, सांस लेने में परेशानी, तेज धड़कन और पैरों में सूजन जैसी समस्याओं से जूझ रहा था। जांच के दौरान डॉक्टरों ने पाया कि उसके हृदय का एओर्टिक वाल्व गंभीर रूप से खराब हो चुका था, जिसके कारण हार्ट फेल होने का खतरा बढ़ गया था।
डॉक्टरों के मुताबिक, मरीज का हृदय केवल करीब 20 प्रतिशत क्षमता के साथ काम कर रहा था। इसके अलावा किडनी और लिवर की कार्यक्षमता भी प्रभावित थी। हृदय और फेफड़ों के आसपास तरल पदार्थ जमा होने की स्थिति भी सामने आई।
मरीज की नाजुक स्थिति को देखते हुए उसे शुरुआती उपचार के तौर पर हाई फ्लो ऑक्सीजन सपोर्ट दिया गया। चिकित्सकीय जांच के बाद तुरंत सर्जरी करने का निर्णय लिया गया। आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत रिम्स की अमृत फार्मेसी से ऑपरेशन के लिए आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई गई।
सर्जरी के दौरान खराब एओर्टिक वाल्व को हटाकर उसकी जगह कृत्रिम वाल्व लगाया गया। ऑपरेशन के बाद मरीज की स्थिति में सुधार देखा गया। डॉक्टरों के अनुसार, अब हृदय के साथ-साथ किडनी, लिवर और फेफड़ों की कार्यक्षमता में भी पहले की तुलना में बेहतर सुधार हुआ है।
रिम्स प्रबंधन के अनुसार, बदले गए वाल्व को बीमारी के मूल कारण का पता लगाने के लिए जांच के लिए भेजा गया है, ताकि आगे की चिकित्सा योजना को बेहतर बनाया जा सके।
यह जटिल सर्जरी रिम्स के CTVS विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. पंकज बोदरा के मार्गदर्शन में डॉ. राकेश चौधरी के नेतृत्व में की गई। ऑपरेशन को सफल बनाने में कार्डियक एनेस्थीसिया टीम, डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से गंभीर बीमारियों के इलाज में आर्थिक मदद मिलने से मरीजों को बड़ी राहत मिल रही है। रिम्स में हुई यह सफल सर्जरी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण उदाहरण मानी जा रही है।
