बोकारो: दिल्ली पब्लिक स्कूल (डीपीएस) बोकारो के प्राइमरी विंग में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम ‘धरोहर’ का समापन अंतर-सदन समूह नृत्य प्रतियोगिता के साथ हुआ। प्रतियोगिता में कक्षा 2 से 5वीं तक के विद्यार्थियों ने हिस्सा लेकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया और देश की विविध सांस्कृतिक परंपराओं को मंच पर जीवंत किया।
विद्यालय के छह सदनों के विद्यार्थियों ने अलग-अलग राज्यों की लोक संस्कृति, वेशभूषा और परंपराओं को नृत्य के माध्यम से प्रस्तुत किया। बच्चों की प्रस्तुतियों में भारत की ‘अनेकता में एकता’ की भावना साफ नजर आई।
चेनाब सदन के विद्यार्थियों ने भांगड़ा नृत्य के जरिए पंजाब की लोक संस्कृति और उत्सव के माहौल को दर्शाया। वहीं, जमुना सदन की टीम ने लंबाड़ी नृत्य की प्रस्तुति देकर तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और राजस्थान की बंजारा संस्कृति की झलक दिखाई।
झेलम सदन के विद्यार्थियों ने हरियाणा की लोक परंपराओं और ऊर्जा को अपने नृत्य में प्रदर्शित किया। रावी सदन ने संबलपुरी नृत्य के माध्यम से ओडिशा की समृद्ध लोक कला को मंच पर उतारा। गंगा सदन की टीम ने गोमीरा नृत्य प्रस्तुत कर पश्चिम बंगाल की सांस्कृतिक विरासत और अच्छाई की जीत का संदेश दिया।
सतलज सदन के विद्यार्थियों ने गरबा नृत्य के जरिए गुजरात की परंपरा, उत्साह और सामाजिक एकता को दर्शाया। प्रतियोगिता के परिणाम में जमुना और झेलम सदन संयुक्त रूप से पहले स्थान पर रहे, जबकि सतलज और रावी सदन को दूसरा स्थान मिला। वहीं, गंगा और चेनाब सदन संयुक्त रूप से तीसरे स्थान पर रहे।
विद्यालय के प्राचार्य डॉ. ए. एस. गंगवार ने विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कहा कि नृत्य केवल कला प्रदर्शन नहीं, बल्कि भावनाओं और अनुभवों को रचनात्मक रूप से व्यक्त करने का माध्यम है।
प्रतियोगिता का मूल्यांकन सीनियर विंग के शिक्षकों नितेश कुमार, तनुश्री घोष और स्मृति रॉय की निर्णायक टीम ने किया। कार्यक्रम का संचालन कक्षा 5 के छात्र पुष्पेश शेखर और छात्रा स्वधा प्रियवि ने किया।
