अमेरिकी इलेक्ट्रिक कार निर्माता कंपनी Tesla ने आधिकारिक तौर पर अपनी Tesla Model S और Tesla Model X का प्रोडक्शन बंद कर दिया है. इन दोनों इलेक्ट्रिक कारों की आखिरी यूनिट्स Fremont स्थित कंपनी की फ़ैक्टरी से बनकर बाहर निकली हैं.
इस कदम के साथ ही उन दो मॉडल्स का एक लंबा सफ़र खत्म हो गया है, जिन्होंने कंपनी को दुनिया भर में पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी और जो कभी उसकी प्रीमियम EV रणनीति के केंद्र में थे.
साल 2012 में जब Tesla Model S को लॉन्च किया गया था, तो वह कंपनी की पहली मुख्यधारा की इलेक्ट्रिक कार थी. वहीं 2015 में Tesla Model X को उतारा गया, जो इस ब्रांड की पहली SUV थी. इन दोनों ने मिलकर कंपनी की शुरुआती साख बनाने में अहम भूमिका निभाई और यह भी साबित किया कि इलेक्ट्रिक गाड़ियां तेज़ होने के साथ-साथ आकर्षक भी हो सकती हैं.
ये दोनों कारें कई सालों तक कंपनी के पोर्टफोलियो में बिक्री के लिए उपलब्ध रहीं और अपने लंबे प्रोडक्शन के दौरान इनमें कई बार अपडेट भी किए गए. इसके साथ ही, Tesla ने अपनी मैन्युफैक्चरिंग प्रक्रियाओं, पावरट्रेन, बैटरी टेक्नोलॉजी और ऑनबोर्ड फीचर्स को लगातार बेहतर बनाने पर भी ध्यान दिया.
जैसे-जैसे समय बीतता गया, इन दोनों EVs में नए सॉफ्टवेयर और ड्राइवर-असिस्टेंस टेक्नोलॉजी भी शामिल की गईं, जिनमें Tesla के AutoPilot और Full Self Driving सिस्टम भी शामिल हैं.
लेजेंड्स के युग का अंत
इन दोनों कारों के उत्पादन और बिक्री को धीरे-धीरे बंद करने का फ़ैसला सबसे पहले इस साल जनवरी में कंपनी की अर्निंग्स कॉल के दौरान सामने आया था. उस दौरान, कंपनी के CEO Elon Musk ने कहा था कि, “अब समय आ गया है कि Model S और Model X प्रोग्राम्स को सम्मान के साथ विदा किया जाए.”
उन्होंने आगे कहा था कि, “हम सचमुच एक ऐसे भविष्य की ओर बढ़ रहे हैं जो ऑटोनॉमी पर आधारित है, इसलिए अगर आप Tesla Model S और Model X खरीदने में दिलचस्पी रखते हैं, तो अभी इसे ऑर्डर करने का सही समय है. हमें उम्मीद है कि अगली तिमाही में Model S और Model X का प्रोडक्शन बंद कर दिया जाएगा.”
बता दें कि हाल के सालों में, दोनों फ्लैगशिप मॉडल्स की बिक्री में गिरावट आई है. Tesla की लाइन-अप में, Model 3 और Model Y कंपनी के मुख्य बिक्री वाले मॉडल्स बन गए हैं, और इन्होंने काफी पहले ही उन बड़े और महंगे मॉडल्स की जगह ले ली है, जो कभी इस भूमिका में हुआ करते थे.
अगली कार के बारे में कोई जानकारी नहीं
फिलहाल, Tesla ने Model S या Model X में से किसी के लिए भी कोई सीधे सक्सेसर के बारे में जानकारी नहीं दी है. संभावना जताई जा रही है कि कंपनी इन मॉडल्स के हटने से खाली हुई जगह का इस्तेमाल अपने Optimus रोबोट्स के लिए प्रोडक्शन एरिया बनाने में करेगी, जो उसकी मैन्युफैक्चरिंग प्राथमिकताओं में एक बड़े बदलाव का संकेत है.
भारत के लिए क्या योजना
बता दें कि Tesla ने साल 2025 में ही Model Y के स्टैंडर्ड और लॉन्ग-रेंज वर्जन के साथ भारतीय बाज़ार में एंट्री की है. साल 2026 में इस लाइनअप में Tesla Model Y L भी शामिल हो गया. यह एक लॉन्ग-व्हीलबेस वर्जन है, जिसमें सीटों की तीसरी लाइन और दूसरी लाइन में कैप्टन चेयर्स लगाई गई हैं. भारतीय में, Tesla Model Y L ही इस SUV का एकमात्र ऐसा वर्जन है, जो ऑल-व्हील ड्राइव के साथ उपलब्ध है.


