रांची: मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन पर भाजपा ने सवाल उठाए हैं। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता अजय साह ने कांग्रेस के आंदोलन को विरोधाभासी बताते हुए कहा कि राज्य में यह प्रक्रिया प्रशासनिक अधिकारियों की देखरेख में चल रही है। उनके अनुसार, ऐसे में कांग्रेस का विरोध अपनी ही सरकार की प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।
अधिकारियों की भूमिका को लेकर भाजपा ने उठाए सवाल
अजय साह ने कहा कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण से जुड़ी प्रक्रिया में बूथ लेवल ऑफिसर (BLO), प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO), अनुमंडल पदाधिकारी (SDO/SDM) और उपायुक्त (DC) जैसे अधिकारी शामिल हैं। उन्होंने दावा किया कि ये अधिकारी राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था के तहत काम कर रहे हैं।
भाजपा प्रवक्ता के मुताबिक, गठबंधन से जुड़े दलों के कार्यकर्ता भी बूथ लेवल एजेंट (BLA) के रूप में इस प्रक्रिया में भाग ले रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब प्रशासनिक अधिकारी और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि प्रक्रिया में शामिल हैं, तो कांग्रेस इसके खिलाफ आंदोलन क्यों कर रही है।
साह ने कांग्रेस के विरोध को राजनीतिक विरोधाभास बताते हुए पार्टी से अपनी स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।
मतदाता सूची में सुधार के लिए घर-घर पहुंच रहे BLO
भाजपा प्रवक्ता ने बताया कि बूथ लेवल ऑफिसर घर-घर जाकर मतदाता सूची से संबंधित जानकारी जुटाने और आवश्यक सुधार करने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिन लोगों की मैपिंग नहीं हो सकी है, उनके लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने का विकल्प उपलब्ध है।
साह के अनुसार, ऐसे मतदाता फॉर्म-6 के माध्यम से नाम जोड़ने के लिए आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने दावा किया कि प्रक्रिया के दौरान पात्र मतदाताओं को आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने का अवसर दिया जा रहा है।
पता बदलने पर फॉर्म-8 से संशोधन का विकल्प
अजय साह ने कहा कि जिन मतदाताओं का निवास स्थान बदल गया है, उनके लिए फॉर्म-8 के जरिए आवश्यक संशोधन कराने की व्यवस्था है। उन्होंने कांग्रेस से अपील की कि वह मतदाता सूची पुनरीक्षण को लेकर अपना विरोध स्पष्ट करे और प्रक्रिया के संबंध में उठाए जा रहे सवालों पर स्थिति बताए।
भाजपा ने कांग्रेस के आंदोलन को राजनीतिक विरोधाभास करार दिया है। हालांकि, उपलब्ध खबर में कांग्रेस की ओर से इन आरोपों पर दी गई प्रतिक्रिया का उल्लेख नहीं है।
