चेन्नई: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से चेन्नई मेट्रो रेल परियोजना के तीसरे चरण को जल्द मंजूरी देने का आग्रह किया है। उनका कहना है कि इससे शहर में सार्वजनिक परिवहन का विस्तार होगा और एयरपोर्ट-किलांबक्कम तथा पूनमल्ली-सुंगुवरचत्रम जैसे क्षेत्रों के बीच कनेक्टिविटी बेहतर करने में मदद मिलेगी।
रविवार को चेन्नई में आयोजित एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य की बुनियादी ढांचा परियोजनाओं से जुड़ी कई अन्य मांगें भी प्रधानमंत्री के सामने रखीं। इनमें कोयंबटूर और मदुरै में मेट्रो परियोजनाओं पर दोबारा विचार करने तथा तमिलनाडु और कर्नाटक के बीच अंतरराज्यीय मेट्रो संपर्क विकसित करने का मुद्दा शामिल रहा।
चेन्नई मेट्रो के विस्तार पर मुख्यमंत्री का जोर
मुख्यमंत्री विजय ने चेन्नई मेट्रो के तीसरे चरण को जल्द मंजूरी देने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि परिवहन नेटवर्क के विस्तार से शहर और आसपास के क्षेत्रों में आवागमन को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।
उन्होंने कोयंबटूर और मदुरै के लिए प्रस्तावित मेट्रो रेल परियोजनाओं पर भी पुनर्विचार करने की मांग की। इसके अलावा, तमिलनाडु के होसुर को कर्नाटक के बोम्मासंद्रा से जोड़ने वाली अंतरराज्यीय मेट्रो कनेक्टिविटी का विषय भी उठाया।
कार्यक्रम में विजय ने पूनमल्ली से वडापलानी तक के हिस्से को कवर करने वाली मेट्रो परियोजना के दूसरे चरण के उद्घाटन के लिए प्रधानमंत्री का आभार जताया।
13 हजार करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का उद्घाटन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को आईआईटी मद्रास में आयोजित सरकारी कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने 13,000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली पूरी हो चुकी परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित किया और नई योजनाओं की आधारशिला रखी।
कार्यक्रम में पलानी, नामक्कल, परमाकुडी, अंबासमुद्रम और वेल्लोर कैंटोनमेंट के पांच अमृत रेलवे स्टेशनों का भी उद्घाटन किया गया। इन स्टेशनों को आधुनिक यात्री सुविधाओं के साथ विकसित किया गया है।
2036 तक 1.5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री विजय ने तमिलनाडु के आर्थिक विकास की योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य वर्ष 2036 तक 1.5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रहा है। इसके लिए कृषि, उद्योग और सूचना प्रौद्योगिकी समेत विभिन्न क्षेत्रों में अवसर बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों के बीच बेहतर समन्वय का लाभ आम लोगों तक पहुंचना चाहिए। उनके अनुसार, नवाचार, औद्योगिक निवेश और बुनियादी ढांचे का विकास राज्य की प्रगति के लिए महत्वपूर्ण है।
हाई-स्पीड रेल और राष्ट्रीय राजमार्गों को लेकर भी रखीं मांगें
मुख्यमंत्री ने केंद्रीय बजट 2026 में हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की घोषणा का स्वागत किया। साथ ही उन्होंने चेन्नई से कन्याकुमारी और चेन्नई से कोयंबटूर के बीच नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर विकसित करने की मांग की।
सड़क संपर्क को बेहतर बनाने के लिए उन्होंने कई प्राथमिकता वाली परियोजनाओं का जिक्र किया। इनमें प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों के कुछ हिस्सों को छह लेन का बनाने की मांग भी शामिल रही।
गोदावरी-कावेरी नदी जोड़ो परियोजना का मुद्दा उठाया
जल संसाधनों पर चर्चा करते हुए विजय ने गोदावरी-कावेरी नदी जोड़ो परियोजना को राष्ट्रीय प्राथमिकता के रूप में आगे बढ़ाने की बात कही। उन्होंने राज्यों के बीच पानी के समान वितरण की जरूरत पर जोर देते हुए नदियों को आपस में जोड़ने से संबंधित पहल का समर्थन किया।
इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने मद्रास हाई कोर्ट में तमिल भाषा के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए कदम उठाने का आह्वान किया। उन्होंने सर्व शिक्षा अभियान (SSA) के तहत तमिलनाडु को मिलने वाली 5,110 करोड़ रुपये की बकाया केंद्रीय राशि भी जारी करने का अनुरोध किया।
पीएम मोदी ने दोहराई तमिलनाडु के विकास में सहयोग की प्रतिबद्धता
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कार्यक्रम के दौरान तमिलनाडु के लोगों की सेवा करने और मुख्यमंत्री विजय के साथ मिलकर राज्य की प्रगति के लिए काम करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
उन्होंने अपने पूर्व मुख्यमंत्री कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य सरकारों की अपेक्षाओं को समझना और उन्हें विकास के लक्ष्यों तक पहुंचने में मदद करना महत्वपूर्ण है। प्रधानमंत्री ने गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए तमिलनाडु के विभिन्न मुख्यमंत्रियों से हुई बातचीत का भी जिक्र किया, जिनमें दिवंगत नेता एम. करुणानिधि और जे. जयललिता शामिल थे।
कार्यक्रम में प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री ने चेन्नई मेट्रो के दूसरे चरण से जुड़ी परियोजना को हरी झंडी दिखाई। दोनों नेताओं की संयुक्त मौजूदगी को केंद्र और राज्य के बीच विकास संबंधी सहयोग के संदर्भ में भी अहम माना गया।
