Sunday, September 27, 2026

SIR विवाद पर सम्राट चौधरी ने चुनाव आयोग का किया बचाव, राहुल गांधी और तेजस्वी पर उठाए सवाल.

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पटना: बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर जारी राजनीतिक बहस के बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रविवार को चुनाव आयोग की प्रक्रिया का समर्थन किया। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने विपक्ष की ओर से लगाए जा रहे आरोपों पर सवाल उठाते हुए कहा कि SIR जैसे विषयों पर चर्चा तथ्यों के आधार पर होनी चाहिए।

राहुल गांधी और तेजस्वी यादव पर साधा निशाना

सम्राट चौधरी ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव का नाम लेते हुए आरोप लगाया कि दोनों नेता SIR को लेकर ऐसी बातें कर रहे हैं, जिनसे लोगों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मतदाता सूची का पुनरीक्षण चुनावी प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उनके मुताबिक, इस प्रक्रिया पर सवाल उठाने के बजाय उससे जुड़े तथ्यों और नियमों के आधार पर चर्चा की जानी चाहिए।

चुनाव आयोग के फैसलों का किया उल्लेख

मुख्यमंत्री ने कहा कि चुनाव आयोग पहले ही SIR से जुड़े फैसलों को सामूहिक रूप से लिए जाने की बात स्पष्ट कर चुका है। उन्होंने आयोग की कार्यप्रणाली पर लगाए जा रहे सवालों को लेकर विपक्ष की आलोचना की।

उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था की प्रक्रिया पर आरोप लगाने से पहले संबंधित पक्षों को तथ्यों के साथ अपनी बात रखनी चाहिए।

परिवारवाद को लेकर भी विपक्ष पर हमला

सम्राट चौधरी ने राहुल गांधी और तेजस्वी यादव पर परिवारवाद की राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विपक्ष को अपनी राजनीतिक व्यवस्था और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं पर भी चर्चा करनी चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कांग्रेस के पुराने राजनीतिक संदर्भों का जिक्र करते हुए चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाने को लेकर भी पार्टी पर टिप्पणी की। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि लंबे समय तक सत्ता में रहने के दौरान कांग्रेस की नीतियों से देश को गरीबी और आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ा।

बोले- गरीब परिवार से आने वाला व्यक्ति सत्ता में आए तो परेशानी

सम्राट चौधरी ने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि सत्ता में रहते हुए लोकतंत्र की बात करने वाले लोग जब किसी गरीब परिवार से आने वाले व्यक्ति को सत्ता में देखते हैं तो उनकी प्रतिक्रिया बदल जाती है।

उन्होंने दोहराया कि SIR को लेकर राजनीतिक बयानबाजी के बजाय तथ्य सामने रखे जाने चाहिए और मतदाता सूची पुनरीक्षण की प्रक्रिया को उसी आधार पर देखा जाना चाहिए।

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