SIM Card New Rules: मोबाइल सिम और टेलीकॉम पहचान से जुड़े नियमों को लेकर दूरसंचार विभाग (DoT) ने लोगों को सतर्क किया है। दूरसंचार अधिनियम, 2023 के तहत धोखाधड़ी, पहचान की गलत जानकारी और टेलीकॉम आइडेंटिफायर से छेड़छाड़ जैसे गंभीर मामलों में कड़ी सजा का प्रावधान है। कुछ उल्लंघनों में तीन साल तक की जेल, 50 लाख रुपये तक जुर्माना या दोनों हो सकते हैं।
दूसरे की पहचान पर SIM लेना पड़ सकता है भारी
किसी अन्य व्यक्ति की पहचान का गलत इस्तेमाल करके टेलीकॉम कनेक्शन हासिल करना या धोखाधड़ी और प्रतिरूपण के जरिए SIM अथवा अन्य टेलीकॉम पहचान प्राप्त करना कानून के दायरे में आता है। DoT के अनुसार ऐसे अपराधों पर आपराधिक कार्रवाई का प्रावधान है।
इसलिए किसी दूसरे व्यक्ति के दस्तावेजों पर मोबाइल कनेक्शन लेना या अपनी पहचान से जुड़ी जानकारी का गलत इस्तेमाल होने देना कानूनी परेशानी खड़ी कर सकता है।
IMEI से छेड़छाड़ पर भी सख्त नियम
मोबाइल फोन के IMEI या अन्य विशिष्ट टेलीकॉम इक्विपमेंट आइडेंटिफिकेशन नंबर में जानबूझकर बदलाव करना भी प्रतिबंधित है। दूरसंचार विभाग की साइबर सिक्योरिटी गाइडलाइंस में IMEI को बदलने, मिटाने या उससे छेड़छाड़ करने पर रोक लगाई गई है।
DoT ने 2026 में भी IMEI रजिस्ट्रेशन और उसके साथ छेड़छाड़ के परिणामों को लेकर अलग से चेतावनी जारी की है।
आपके नाम पर कितने SIM चल रहे हैं, ऐसे करें चेक
अगर आपको संदेह है कि आपकी पहचान पर कोई ऐसा मोबाइल नंबर एक्टिव है जिसे आपने नहीं लिया है, तो सरकार के Sanchar Saathi प्लेटफॉर्म के जरिए इसकी जानकारी देखी जा सकती है। DoT के अनुसार पोर्टल पर अपने नाम से जारी मोबाइल कनेक्शन की जानकारी देखने और संदिग्ध या अनावश्यक कनेक्शन की रिपोर्ट करने की सुविधा उपलब्ध है।
यह जांच इसलिए भी जरूरी है क्योंकि फर्जी या गलत तरीके से जारी किए गए मोबाइल कनेक्शन का इस्तेमाल धोखाधड़ी जैसी गतिविधियों में किया जा सकता है।
संदिग्ध SIM मिलने पर क्या करें?
अपने नाम पर ऐसा नंबर दिखाई दे जिसे आपने कभी इस्तेमाल या जारी नहीं कराया है, तो उसे नजरअंदाज न करें। Sanchar Saathi की संबंधित सुविधा के जरिए उस कनेक्शन की शिकायत की जा सकती है। DoT की व्यवस्था में शिकायत के बाद कनेक्शन का री-वेरिफिकेशन कराया जा सकता है और सत्यापन में विफल रहने वाले कनेक्शन को डिस्कनेक्ट किया जा सकता है।
ध्यान रखें: केवल अपने नाम पर कई SIM होना अपने आप में 50 लाख रुपये के जुर्माने का मतलब नहीं है। दंड इस बात पर निर्भर करता है कि वास्तव में कौन-सा कानूनी उल्लंघन हुआ है और वह किस प्रावधान के अंतर्गत आता है। इसलिए SIM, पहचान दस्तावेज और मोबाइल की पहचान संख्या से जुड़ी जानकारी हमेशा सही और अधिकृत तरीके से ही इस्तेमाल करें।
