नई दिल्ली, 10 अक्टूबर 2026: भारतीय शेयर बाजार में विदेशी निवेशकों की बिकवाली लगातार जारी है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक, इस सप्ताह विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने भारतीय बाजार से 30,294 करोड़ रुपये की शुद्ध निकासी की। यह लगातार आठवां सप्ताह है, जब विदेशी निवेशक भारतीय शेयर बाजार में शुद्ध बिकवाल बने हुए हैं।
हालांकि, विदेशी निवेशकों की बिकवाली के बीच घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने बाजार को सहारा दिया। आंकड़ों के अनुसार, घरेलू निवेशकों ने इसी सप्ताह 30,313 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी की। इस खरीदारी से विदेशी निवेशकों की बिकवाली के दबाव को काफी हद तक संतुलित करने में मदद मिली।
घरेलू निवेशकों ने संभाला बाजार
विदेशी निवेशकों की ओर से लगातार हो रही बिकवाली के बावजूद घरेलू संस्थागत निवेशकों की खरीदारी बाजार के लिए अहम सहारा बनी हुई है। इस सप्ताह DIIs की शुद्ध खरीदारी विदेशी निवेशकों की शुद्ध बिकवाली से 19 करोड़ रुपये अधिक रही।
रिपोर्ट के मुताबिक, घरेलू निवेशकों की खरीदारी के बीच शुक्रवार को बाजार में रिकवरी भी देखने को मिली। हालांकि, निवेशकों की गतिविधियों के साथ वैश्विक परिस्थितियां और अन्य आर्थिक कारक भी बाजार की दिशा को प्रभावित करते हैं।
अक्टूबर में अब तक विदेशी निवेशकों ने निकाले ₹39,779 करोड़
बजाज ब्रोकिंग के डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट (रिसर्च) पवित्र मुखर्जी के मुताबिक, अक्टूबर में अब तक विदेशी संस्थागत निवेशकों ने 39,779 करोड़ रुपये के शेयरों की शुद्ध बिकवाली की है।
इसके मुकाबले घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 40,355 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी की है। रिपोर्ट में दिए गए आंकड़ों के अनुसार, सितंबर के अंतिम स्तर 22,620.45 की तुलना में निफ्टी में अक्टूबर के दौरान अब तक लगभग 0.44 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
घरेलू निवेशकों की खरीदारी ने बाजार पर विदेशी बिकवाली के प्रभाव को सीमित रखने में भूमिका निभाई है।
आठ सप्ताह में निफ्टी 7.57 प्रतिशत फिसला
पिछले आठ सप्ताह के रुझान पर नजर डालें तो निफ्टी अपने 24,366 के ऊपरी स्तर से गिरकर 22,520.45 के स्तर तक पहुंच गया। रिपोर्ट के मुताबिक, यह लगभग 7.57 प्रतिशत की गिरावट है।
इस दौरान विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली बाजार पर दबाव बनाती रही। वहीं, घरेलू संस्थागत निवेशकों की खरीदारी ने बाजार को समर्थन दिया।
सितंबर में विदेशी निवेशकों ने निकाले ₹35,861 करोड़
पीएल कैपिटल (प्रभुदास लीलाधर) की रिपोर्ट के अनुसार, सितंबर 2026 में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) ने भारतीय बाजार से 35,861 करोड़ रुपये की शुद्ध निकासी की थी। इसके विपरीत, अगस्त में विदेशी निवेशकों ने 29,628 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश किया था।
सितंबर में विदेशी निवेशकों की सबसे अधिक बिकवाली इन क्षेत्रों में दर्ज की गई:
- फाइनेंशियल सर्विसेज: 13,147 करोड़ रुपये की निकासी
- एनर्जी: प्रमुख बिकवाली वाले क्षेत्रों में शामिल
- ऑटोमोबाइल्स: विदेशी निवेशकों ने हिस्सेदारी घटाई
- मेटल्स: बिकवाली का दबाव देखने को मिला
रिपोर्ट के मुताबिक, फाइनेंशियल सर्विसेज से निकाली गई राशि इस क्षेत्र में विदेशी निवेशकों के दीर्घकालिक औसत मासिक आउटफ्लो 2,237 करोड़ रुपये से लगभग छह गुना अधिक थी।
जनवरी से सितंबर 2026 के बीच विदेशी निवेशकों की क्षेत्रवार शुद्ध बिकवाली करीब 2.60 लाख करोड़ रुपये बताई गई है।
इन सेक्टर्स में अब भी निवेश कर रहे विदेशी निवेशक
लगातार बिकवाली के बावजूद विदेशी निवेशकों ने कुछ क्षेत्रों में निवेश जारी रखा है। पीएल कैपिटल की रिसर्च एनालिस्ट मन्नत गांधी के अनुसार, सितंबर में इन क्षेत्रों में निवेश दर्ज किया गया:
| सेक्टर | सितंबर में निवेश |
|---|---|
| कंज्यूमर सर्विसेज | ₹2,333 करोड़ |
| सर्विसेज | ₹2,302 करोड़ |
| हेल्थकेयर | ₹2,117 करोड़ |
| कंस्ट्रक्शन | ₹1,311 करोड़ |
रिपोर्ट के अनुसार, कंज्यूमर सर्विसेज में लगातार चौथे महीने सकारात्मक निवेश दर्ज किया गया। मन्नत गांधी ने यह भी बताया कि लंबी अवधि में विदेशी निवेशकों का निवेश भार बैंकिंग और आईटी से हटकर इलेक्ट्रिकल्स तथा नॉन-फेरस मेटल्स जैसे क्षेत्रों की ओर बढ़ रहा है।
आगे कैसा रह सकता है शेयर बाजार?
विदेशी निवेशकों की बिकवाली, वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों और अन्य अंतरराष्ट्रीय कारकों के कारण बाजार में उतार-चढ़ाव बने रहने की संभावना पर विश्लेषक ध्यान दे रहे हैं। दूसरी ओर, घरेलू संस्थागत निवेशकों की लगातार खरीदारी बाजार को समर्थन दे रही है।
हालांकि, घरेलू निवेशकों की खरीदारी से बाजार में गिरावट पूरी तरह रुकने की गारंटी नहीं मिलती। निवेशकों को किसी भी निवेश संबंधी निर्णय से पहले बाजार की परिस्थितियों, कंपनी के प्रदर्शन और अपनी जोखिम क्षमता का आकलन करना चाहिए।
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