मुंबई: भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार, 16 अक्टूबर 2026 को लगातार दूसरे कारोबारी दिन तेजी देखने को मिली। आईटी कंपनियों के शेयरों में मजबूत खरीदारी और वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों के बीच बीएसई सेंसेक्स 413.66 अंक की बढ़त के साथ 74,729.27 पर बंद हुआ। वहीं, एनएसई निफ्टी भी बढ़त के साथ 23,146 के स्तर पर बंद हुआ।
कारोबार के दौरान बाजार में उतार-चढ़ाव बना रहा। सेंसेक्स एक समय 463.17 अंक चढ़कर 74,778.78 के इंट्राडे उच्च स्तर तक पहुंच गया था। इससे पिछले कारोबारी सत्र में भी बाजार में जोरदार तेजी दर्ज की गई थी। लगातार दो दिनों की बढ़त से बाजार में सुधार का रुख देखने को मिला।
IT शेयरों में खरीदारी से बाजार को मिला सहारा
शुक्रवार के कारोबार में आईटी कंपनियों के शेयर निवेशकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहे। वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही के नतीजों और कंपनियों की कारोबारी टिप्पणियों से आईटी सेक्टर में खरीदारी को समर्थन मिला।
टेक महिंद्रा के शेयरों में खास तेजी रही। खबर के मुताबिक, कंपनी का दूसरी तिमाही में शुद्ध लाभ 32.74 प्रतिशत बढ़कर 1,585.6 करोड़ रुपये पहुंच गया। इसके बाद कंपनी के शेयर में 8.45 प्रतिशत तक की बढ़त दर्ज की गई।
टेक महिंद्रा के अलावा टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS), इंफोसिस और एचसीएल टेक के शेयरों में भी मजबूती देखने को मिली। भारती एयरटेल और महिंद्रा एंड महिंद्रा के शेयर भी बढ़त दर्ज करने वाले प्रमुख शेयरों में शामिल रहे।
इन शेयरों में दिखा बिकवाली का दबाव
बाजार में तेजी के बावजूद कुछ प्रमुख कंपनियों के शेयर गिरावट के साथ कारोबार करते दिखे। रिलायंस इंडस्ट्रीज, इंटरग्लोब एविएशन, एशियन पेंट्स और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स के शेयरों पर बिकवाली का दबाव रहा।
इससे स्पष्ट हुआ कि बाजार के प्रमुख सूचकांकों में बढ़त के बावजूद सभी कंपनियों के शेयरों में समान तेजी नहीं रही।
SEBI के ट्रेडिंग और सेटलमेंट नियमों में बदलाव की चर्चा
शेयर बाजार में कारोबार के बीच भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) से जुड़े क्लोजिंग ऑक्शन सेशन और डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट के सेटलमेंट नियमों में बदलाव की जानकारी भी चर्चा में रही।
उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, क्लोजिंग ऑक्शन सेशन शाम 3:30 बजे से 3:40 बजे तक रखने और स्टॉक व इंडेक्स डेरिवेटिव्स में कारोबार शाम 3:45 बजे तक जारी रखने का उल्लेख किया गया है। एक्सपायर होने वाले डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट के सेटलमेंट मूल्य के लिए आखिरी 30 मिनट के कारोबार पर आधारित वॉल्यूम वेटेड एवरेज प्राइस (VWAP) पद्धति का भी जिक्र है।
नोट: इन बदलावों की प्रभावी तारीख और लागू होने की शर्तों की पुष्टि SEBI तथा संबंधित एक्सचेंजों की आधिकारिक अधिसूचना से करना जरूरी है।
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से बाजार को राहत
बाजार की तेजी के पीछे वैश्विक संकेतों की भी भूमिका बताई गई। रिपोर्ट के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमत 0.30 प्रतिशत गिरकर 105.6 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई। कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और रुपये की मजबूती से घरेलू बाजार की धारणा को समर्थन मिला।
एशियाई बाजारों में जापान, दक्षिण कोरिया, चीन और हांगकांग के प्रमुख सूचकांकों के साथ यूरोपीय बाजारों में भी मजबूती का रुख बताया गया। अमेरिकी बाजारों में तेजी का असर भी निवेशकों की धारणा पर पड़ा।
विदेशी निवेशकों की बिकवाली पर भी नजर
बाजार में लगातार दूसरे दिन तेजी के बावजूद विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की गतिविधियां निवेशकों के लिए अहम बनी हुई हैं। रिपोर्ट के अनुसार, विदेशी निवेशकों ने गुरुवार को 5,285.37 करोड़ रुपये के शेयरों की शुद्ध बिक्री की थी।
आगे बाजार की दिशा पर घरेलू कंपनियों के तिमाही नतीजों, वैश्विक संकेतों, कच्चे तेल की कीमतों और विदेशी निवेशकों के रुख का असर पड़ सकता है। हालांकि, शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन है और किसी भी निवेश निर्णय से पहले संबंधित शेयरों तथा बाजार की परिस्थितियों का स्वतंत्र मूल्यांकन करना चाहिए।
