
झारखण्ड न्यूज़ :हज़ारीबाग पत्नी अनीता देवी को जलाकर मारने के आरोपित SDM हजारीबाग के सदर एसडीएम अशोक कुमार गिरफ्तारी के डर से फरार हो गए हैं। उन्हें एसआइटी तीन दिन से खोज रही है। पुलिस को सोमवार को भी उनका लोकेशन ट्रेस नहीं हुआ । उनके भूमिगत हो जाने के बाद राज्य सरकार ने भी मामले को गंभीरता से लिया है।
अशोक कुमार को एसडीएम के पद से हटा दिया गया है। सरकार ने फिलहाल कार्मिक विभाग में योगदान देने का निर्देश दिया गया है। कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग ने सोमवार को इसकी अधिसूचना जारी कर दी है।सदर एसडीएम हजारीबाग के सरकारी आवास में अशोक कुमार की पत्नी अनीता देवी 26 दिसंबर की सुबह झुलस गई थी। इसके बाद इलाज के दौरान मौत हो गई। मृतका के भाई राजकुमार गुप्ता का आरोप है कि दूसरी महिला से अवैध संबंध के कारण अशोक ने साजिश रच अनीता को जला दिया।
इस मामले में प्राथमिकी दर्ज होने के बाद गिरफ्तारी के डर से एसडीएम भूमिगत हो गए।कार्मिक विभाग नें जारी किया आदेश, अशोक को मुख्यालय में योगदान देने को कहा गया, मृतका के स्वजन और स्थानीय लोग गिरफ्तार करने की मांग को लेकर लगातार आंदोलन कर रहे हैं। घटना की जांच के लिए पुलिस अधीक्षक ने एसआइटी बनाई है।
दूसरी ओर हत्या या आत्महत्या का सच जानने के लिए सोमवार को एसपी अरविंद कुमार सिंह स्वयं एसडीएम के सरकारी आवास पहुंचे। एसपी के साथ सीसीआर डीएसपी मनोज कुमार सिंह, लोहसिंघना थाना संदीप कुमार भी थे।दूसरी ओर हत्या या आत्महत्या का सच जानने के लिए सोमवार को एसपी अरविंद कुमार सिंह स्वयं एसडीएम के सरकारी आवास पहुंचे। एसपी के साथ सीसीआर डीएसपी मनोज कुमार सिंह, लोहसिंघना थाना संदीप कुमार भी थे। अशोक कुमार की तलाश नहीं कर पाई एसआइटी
एसपी ने एसडीएम के सरकारी आवास में जाकर की जांच
माली से लेकर गॉर्ड तक से पूछताछ हुई, जाँच के दौरान सरकारी पर किसी बाहरी व्यक्ति को नहीं मिला एंटी।
अनीता के भाई के आवेदन पर एसडीओ के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। 27 दिसंबर की तिथि में यह प्राथमिकी हुई है और 27 की तिथि में ही एसपी ने जांच के लिए एक एसआटी का भी गठन किया है। इसमें एसडीपीओ सदर, इंस्पेक्टर दिनेश कुमार व थाना प्रभारी संदीप व दो अन्य दारोगा शामिल किया गया है।
इनके उपर जांच के साथ साथ आरोपित की गिरफ्तारी का भी जिम्मा है। अनीता के भाई ने मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव समेत अन्य वरीय अधिकारियों को पत्र लिखकर इस मामले में निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।


