रांची: सदर अस्पताल रांची में न्यूरोसर्जरी की सुविधा के विस्तार के बीच एक जटिल ब्रेन ट्यूमर का सफल ऑपरेशन किया गया है। 46 वर्षीय भूषण सिंह पिछले करीब दो वर्षों से बीमारी से परेशान थे। निजी अस्पताल में इलाज और सर्जरी पर 8 लाख रुपये से अधिक खर्च का अनुमान बताया गया था। इसके बाद उन्होंने सदर अस्पताल में इलाज कराया, जहां न्यूरोसर्जन डॉ. विकास कुमार और उनकी टीम ने सर्जरी सफलतापूर्वक पूरी की।
मेनिन्जियोमा ट्यूमर की हुई सर्जरी
मरीज के मस्तिष्क में मेनिन्जियोमा (Meningioma) नामक ट्यूमर था। ऐसे मामलों में ऑपरेशन के दौरान मस्तिष्क की नसों और रक्त वाहिकाओं के साथ आसपास के स्वस्थ ऊतकों को सुरक्षित रखना बेहद महत्वपूर्ण होता है।
डॉ. विकास कुमार के नेतृत्व में न्यूरोसर्जरी टीम ने सावधानीपूर्वक प्रक्रिया पूरी की। सर्जरी में न्यूरोसर्जरी, एनेस्थीसिया और ऑपरेशन थिएटर की टीम ने समन्वय के साथ काम किया।
ऑपरेशन के बाद मरीज की स्थिति संतोषजनक बताई गई है। डॉक्टरों की निगरानी में उनका स्वास्थ्य सुधार की ओर है।
गंभीर बीमारियों के इलाज का दायरा बढ़ा
सदर अस्पताल में न्यूरोसर्जरी सेवाओं के विस्तार से अब ब्रेन और स्पाइन से संबंधित गंभीर मामलों के उपचार की सुविधा बढ़ रही है। इससे ऐसे मरीजों को हर मामले में RIMS या निजी अस्पतालों का रुख करने की जरूरत कम हो सकती है।
अस्पताल में ब्रेन और स्पाइन इंजरी, ब्रेन ट्यूमर तथा गर्दन और कमर की हड्डी से जुड़ी गंभीर समस्याओं के उपचार और सर्जरी की सुविधा विकसित की जा रही है।
आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को राहत
सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. बिमलेश सिंह के मुताबिक न्यूरोसर्जरी सेवाओं का लगातार विस्तार किया जा रहा है। उनके अनुसार जटिल ब्रेन और स्पाइन सर्जरी का सफल होना अस्पताल की विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
सिविल सर्जन डॉ. अमरेंद्र प्रसाद ने भी कहा कि अस्पताल में ब्रेन- स्पाइन इंजरी और ब्रेन ट्यूमर जैसी गंभीर बीमारियों के लिए सर्जिकल सुविधा विकसित की जा रही है। इससे खासकर आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को लाभ मिल सकता है।
डॉक्टरों और OT टीम ने निभाई अहम भूमिका
सर्जरी में डॉ. विकास कुमार के साथ न्यूरोसर्जरी टीम की भूमिका रही। एनेस्थीसिया टीम में डॉ. नीरज और डॉ. ज्योतिका शामिल रहे। वहीं ऑपरेशन थिएटर टीम के अमित, सुरेश, नीली, संजू, नंदिनी और कंचन समेत अन्य कर्मचारियों ने सहयोग किया।
सदर अस्पताल में इस तरह की जटिल सर्जरी की सुविधा उपलब्ध होने से सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था में विशेषज्ञ उपचार की क्षमता बढ़ने की उम्मीद है।
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